यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आगरा धर्मपरिवर्तन : एफआइआर दर्ज, संसद में हंगामा
मुस्लिम परिवार को दोबारा धर्मपरिवर्तन कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ता के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। तो वहीं अब संसद भी इस मामले से गूंज उठा। बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाकर संप्रदायिकता

आगरा। मुस्लिम परिवार को दोबारा धर्मपरिवर्तन कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ता के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। तो वहीं अब संसद भी इस मामले से गूंज उठा। बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाकर संप्रदायिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए मायावती ने आरोप लगाया कि मुस्लिम परिवारों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। मायावती के अनुसार इस मामले में भाजपा और संघ का हाथ है। वहीं इससे पहले हिंदू बने इस्माइल नामक शख्स की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की गई। इस्माइल का आरोप है कि आरोपी एक महीने से उन पर दबाव डाल रहा था।
इसी बीच अन्य विपक्षी दलों की ओर से भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई जा रही है। राज्यसभा में हंगामें की स्थिति बन गई। वाम दल नेता सीताराम येचूरी ने भी इस मसले पर सरकार को घेरा। सांसदों का कहना था कि यदि जल्द इस मसले का हल नहीं निकाला गया तो देशभर में तनाव फैल सकता है।
इससे पहले आगरा में बजरंग दल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के आनुषांगिक संगठन धर्म जागरण समन्वय विभाग ने सोमवार को संयुक्त रूप से आयोजित धर्म परिवर्तन कार्यक्रम किया था। हालांकि पूरे मामले ने तब तूल पकड़ लिया था, जब धर्म परिवर्तन करने वाले परिवारों ने आरोप लगाया कि लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया था।
सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में करीब 57 मुस्लिम परिवार के 200 से ज्यादा सदस्यों को फिर से हिंदू बनाया। इस कार्यक्रम को नाम दिया गया था 'पुरखों की घर वापसी'। इस कार्यक्रम में उन मुस्लिम परिवारों को शामिल किया गया था, जो पहले हिंदू थे और बाद में धर्म परिर्वतन कर मुस्लिम बन गए थे।

