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दिल्ली का प्रदूषण कैसे होगा खत्म? यूपी की सुस्त चाल बनी रोड़ा; हरियाणा में उठाए जा रहे कदम

Published: Mon, 31 Aug 2026 10:48 PM (IST)

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र सरकार ने पुरानी गाड़ियों को हटाने की योजना शुरू की है, जिसमें दिल्ली और हरियाणा ने तेजी दिखाई है।

दिल्ली प्रदूषण को लेकर उठाए जा रहे कदम (फोटो-पीटीआई)

दिल्ली प्रदूषण को लेकर उठाए जा रहे कदम (फोटो-पीटीआई)

HighLights

  1. 2.3 लाख पुराने ट्रक-बसों को हटाने की केंद्र की योजना।

  2. दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के प्रदूषण को कम करने का लक्ष्य।

  3. उत्तर प्रदेश की सुस्ती योजना की गति में बाधा।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। हर वर्ष सर्दियों का मौसम आते ही वायु प्रदूषण दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दम घोंटने लगता है। कई उपाय विफल होने के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय बीएस-4 और उससे पुराने उन 2.3 लाख ट्रक-बसों को सड़क से हटाना चाहता है, जिनकी संख्या तो कुल वाहनों में मात्र तीन प्रतिशत है, लेकिन वायु प्रदूषण में हिस्सेदारी 36 प्रतिशत है।

दिल्ली-हरियाणा के वाहन स्वामियों की सक्रियता से योजना शुरू होने लगभग एक माह में ही आंकड़ा इतना हो गया कि उत्साहित मंत्रालय ने अनौपचारिक रूप से योजना के लक्ष्य को दो साल से घटाकर एक वर्ष कर दिया है, लेकिन उत्तर प्रदेश की सुस्ती को लेकर चिंता बनी है, क्योंकि यूपी की सक्रियता के बिना दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में परिवर्तन आसान नहीं है।

दिल्ली-हरियाणा में उठाए जा रहे कदम

परिवर्तन योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर के दायरे में दिल्ली के 13 जिले, हरियाणा के 14, उत्तर प्रदेश के आठ और राजस्थान के दो जिले शामिल हैं।

सरकार की मंशा है कि क्षेत्र में प्रदूषण के लिए बड़े पैमाने पर जिम्मेदार ट्रक और बसों को बदलने के लिए वाहन स्वामियों को नए वाहनों की खरीद पर भरपूर रियायत दी जाए।

इसके तहत दस साल तक मोटर व्हीकल टैक्स में शत-प्रतिशत छूट, पंजीयन शुल्क में छूट सहित मासिक वाउचर तक की सुविधा शुरू की गई है।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने बताया कि इस योजना से जुड़कर सरकार, राज्यों के परिवहन विभाग, बैंक, आटोमोबाइल निर्माता-डीलर भी अपने-अपने स्तर से सहयोग कर रहे हैं।

इसके कारण ही एक माह में ही 1357 पंजीयन हो गए। इनमें सबसे अधिक उत्साह दिखाते हुए दिल्ली के वाहन स्वामियों ने 785, हरियाणा ने 423, राजस्थन ने 93 और उत्तर प्रदेश ने 56 पंजीयन कराए हैं।

याद रहे कि हरियाणा में सबसे अधिक 106720, दिल्ली में 78503, उत्तर प्रदेश में 40176 और राजस्थान में 6562 वाहन इस योजना के दायरे में लक्षित हैं। ऐसे में यूपी की सुस्ती परिवर्तन की गति में रोड़ा अटका सकती है।

परिवहन सचिव काे विश्वास है कि यदि योजना लक्ष्य के अनुरूप साकार हुई तो सर्दी के अगले मौसम में दिल्ली प्रदूषण के निश्चित ही राहत महसूस करेगी।

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