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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    IAF ने पाक-चीन सीमा पर तैनात किए S-400, फाइनल डिलीवरी को लेकर जल्द होगी रूसी अधिकारियों के साथ बैठक

    By AgencyEdited By: Achyut Kumar
    Updated: Mon, 30 Oct 2023 11:12 PM (IST)

    भारतीय वायुसेना यानी IAFने पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं पर तीन एस-400 वायु रक्षा मिसाइल स्क्वाड्रनों का परिचालन शुरू कर दिया है। बचे दो स्क्वाड्रन क ...और पढ़ें

    भारतीय वायुसेना ने पाक-चीन सीमा पर तैनात किए S-400
    भारतीय वायुसेना ने पाक-चीन सीमा पर तैनात किए S-400

    HighLights

    1. IAF ने पाक-चीन सीमा पर तैनात किए तीन S-400
    2. शेष दो स्क्वाड्रन की आपू्र्ति के लिए जल्द होगी भारतीय और रूसी अधिकारियों की बैठक
    3. रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण नहीं हो पाई डिलीवरी

    एएनआई, नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना (IAF) ने पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं पर अपने तीन एस-400 वायु रक्षा मिसाइल स्क्वाड्रनों का परिचालन शुरू कर दिया है। बचे दो स्क्वाड्रन के लिए अंतिम डिलीवरी कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए जल्द ही भारत और रूस के अधिकारी मिलने वाले हैं।

    रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण नहीं हो पाई डिलीवरी

    भारत ने 2018-19 में एस-400 मिसाइलों के पांच स्क्वाड्रन के लिए रूसी पक्ष के साथ 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे, जिनमें से तीन पहले ही देश में आ चुके हैं. लेकिन शेष दो की डिलीवरी रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण नहीं हो पाई थी।

    चीन-पाकिस्तान सीमा पर रखी जा रही नजर

    न्यूज एजेंसी एएनआई ने रक्षा सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि तीन स्क्वाड्रन पहले ही महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चालू हो चुके हैं। एक इकाई चीन और पाकिस्तान दोनों पर नजर रख रही है, जबकि एक-एक को चीन और पाकिस्तान मोर्चों के लिए रखा गया है।

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    जल्द बैठक करेंगे रूसी और भारतीय अधिकारी

    एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि रूसी और भारतीय अधिकारी शेष दो मिसाइल स्क्वाड्रनों की अंतिम डिलीवरी कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए जल्द ही फिर से बैठक करेंगे। हालांकि, रूसी पक्ष डिलीवरी की टाइमिंग के बारे में स्पष्ट नहीं है। इसकी वजह यूक्रेन के साथ संघर्ष है।

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    बता दें कि भारतीय रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में प्रोजेक्ट कुशा के तहत सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली की खरीद को मंजूरी दे दी है। भारतीय वायुसेना एलआर-एसएम की डिलीवरी अनुसूची को सीमित करने के लिए डीआरडीओ के साथ काम कर रही है। तीन स्तरीय लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली (एलआर-एसएम) 400 किमी के रेंज में दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम होगी।