टूना मछली खाने से डरे नहीं, परजीवी संक्रमण पर ICAR-CMFRI ने सब किया क्लियर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ब्राजील के तट पर मछलियों में परजीवी संक्रमण की रिपोर्ट के आधार पर टूना या अन्य मछलियां खाने से बचने की आवश्यकता नहीं है।

ब्राजील के परजीवी संक्रमण का भारतीय टूना मछली पर कोई असर नहीं

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकार ने गुरुवार को कहा कि ब्राजील के समुद्र तट पर पाई जाने वाली मछलियों में परजीवी संक्रमण की रिपोर्ट के आधार पर टूना या अन्य मछलियों को खाने से बचने की कोई जरूरत नहीं है।
कोच्चि स्थित आईसीएआर-सीएमएफआरआई (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान) ने एक एडवाइजरी में कहा कि भारतीय तट पर टूना समेत अन्य मछलियों की जांच में हानिकारक परजीवी संक्रमण के लक्षण नहीं दिखे हैं।
दूसरे क्षेत्रों में मिली ऐसी जानकारी को भारतीय जलक्षेत्र में पकड़ी गईं मछलियों पर लागू नहीं किया जाना चाहिए। यह एडवाइजरी ब्राजील के पास अटलांटिक महासागर की मछलियों पर अध्ययन में स्किपजैक टूना में परजीवी मिलने की खबरों के बाद जारी की गई है।
कृषि मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'आईसीएआर-सीएमएफआरआई, कोच्चि ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे केवल किसी खास भौगोलिक क्षेत्र की मछलियों में परजीवी संक्रमण मिलने की खबरों के आधार पर टूना या बाजार में मिलने वाली दूसरी मछलियों को खाना न छोड़ें।'
संस्थान के अनुसार, भारत में अच्छे से सफाई करने के बाद सीफूड को आमतौर पर तेज आंच पर पकाया जाता है, जिससे भोजन की अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
