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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

India-Australia Relations: आस्ट्रेलिया के साथ हो चुके FTA पर कल से अमल शुरू, रोजगारपरक सेक्टर को मिलेगा लाभ

By Jagran NewsEdited By: Shashank Mishra
Updated: Wed, 28 Dec 2022 08:38 PM (IST)

FTA लागू होने से गारमेंट लेदर उत्पाद जेम्स इंजीनियरिंग गुड्स जैसे रोजगारपरक सेक्टर के निर्यात को काफी लाभ मिलने वाला है क्योंकि अब ये उत्पाद आस्ट्रेलिया के बाजार में पांच फीसद तक सस्ते हो जाएंगे। अभी इन पर पांच फीसद शुल्क लगता है जो 29 दिसंबर से नहीं लगेगा।

गारमेंट, लेदर उत्पाद, जेम्स व ज्वैलरी जैसे आइटम अब बिना शुल्क जा सकेंगे आस्ट्रेलिया
गारमेंट, लेदर उत्पाद, जेम्स व ज्वैलरी जैसे आइटम अब बिना शुल्क जा सकेंगे आस्ट्रेलिया

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत और आस्ट्रेलिया के बीच इस साल अप्रैल में किए गए इकोनॉमिक कोपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट (एकता) पर 29 दिसंबर से अमल शुरू होने जा रहा है। दोनों ही देश इसकी अधिसूचना जारी कर चुके हैं। इस अमल से अब आस्ट्रेलिया जाने वाले 90 फीसद आइटम पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। गारमेंट, लेदर उत्पाद, जेम्स व ज्वैलरी, इंजीनियरिंग गुड्स जैसे रोजगारपरक सेक्टर के निर्यात को काफी लाभ मिलने वाला है क्योंकि अब ये उत्पाद आस्ट्रेलिया के बाजार में पांच फीसद तक सस्ते हो जाएंगे। अभी इन पर पांच फीसद शुल्क लगता है जो 29 दिसंबर से नहीं लगेगा। दूसरी तरफ, भारत में आस्ट्रेलिया से आने वाले कोयला, बाक्साइट, तांबा, मैगनीज जैसे कई आइटम पर कोई शुल्क नहीं लेगा। आस्ट्रेलिया से आने वाले भेड़ के मांस व लौब्स्टर जैसे आइटम को भी शुल्क मुक्त कर दिया गया है।

आस्ट्रेलिया में बिकने वाली कीमती वाइन के आयात पर अब पहले के मुकाबले कम शुल्क लगेगा। व्यापार समझौते पर अमल से दोनों देशों के बीच होने वाला कारोबार 45-50 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है जो वर्तमान के मुकाबले दोगुना है। हालांकि निर्यातक आस्ट्रेलिया के लिए डायरेक्ट शिपमेंट सुविधा की मांग कर रहे हैं ताकि कम समय में आस्ट्रेलिया में माल पहुंचाया जा सके।

जेम्स व ज्वैलरी सेक्टर का निर्यात बढ़ेगा

काउंसिल ऑफ लेदर एक्सपोर्ट (सीएलई) के वाइस प्रेसिडेंट आर.के. जालान ने बताया कि मेलबर्न और कई अन्य जगहों से लेदर उत्पाद निर्यातकों के पास पूछताछ शुरू हो गई है और आर्डर भी आने लगे हैं। लेकिन डायरेक्ट शिपमेंट सुविधा नहीं होने से अभी आस्ट्रेलिया माल पहुंचने में 38-40 दिन का समय लग जाता है जबकि चीन से 15 दिनों में आस्ट्रेलिया माल पहुंच जाता है। जेम्स व ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के नार्दर्न चेयरमैन अशोक सेठ ने बताया कि निश्चित रूप से जेम्स व ज्वैलरी सेक्टर का निर्यात आस्ट्रेलिया में बढ़ेगा और इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है।

कनफेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहल बेवरेज कंपनीज के महानिदेशक विनोद गिरी ने बताया अभी आस्ट्रेलिया में क्रिसमस व नए साल की छुट्टी है और उसके बाद ही आस्ट्रेलिया से महंगी वाइन के भारत में आने की संभावना है। आस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते पर अमल से क्या-क्या फायदा लेदर उत्पाद, गारमेंट, इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स व ज्वैलरी, स्पो‌र्ट्स गुड्स, फुटवियर, मशीनरी, रेलवे वैगन, फर्नीचर व समुद्री उत्पाद जैसे आइटम के निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा।

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फार्मा के निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा क्योंकि आस्ट्रेलिया में दवा काफी महंगी है। आस्ट्रेलिया में पढ़ने वाले छात्रों को आसानी से वर्क वीजा मिल सकेगा आईटी सेक्टर के लिए भी आस्ट्रेलिया का दरवाजा खुल जाएगा और अब अमेरिका की तरह वहां भी बड़ी संख्या में सॉफ्टवेयर डेवलपर्स जा सकेंगे।

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