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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Independence Day Speech 2025: स्वतंत्रता दिवस पर दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा हॉल

    Updated: Wed, 14 Aug 2024 07:56 PM (IST)

    Independence Day Speech In Hindi 2024 भारत 15 अगस्त 2025 को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है। देश भर के स्कूल-कॉलेजों में स्वतंत्र ...और पढ़ें

    स्वतंत्रता दिवस पर भाषण Independence Day Speech In Hindi (Photo Jagran )
    स्वतंत्रता दिवस पर भाषण Independence Day Speech In Hindi (Photo Jagran )

    Independence Day Speech In Hindi 2025 : डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 15 अगस्त 2025 हमारे देश भारत को आजाद हुए 78 वर्ष पूरे हो रहे हैं। 15 अगस्त 1947 को भारत अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुआ। इस वर्ष हम 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्कूल और कॉलेजों में भाषण और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाता है। ऐसे में अगर आप भी स्कूल या कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस पर भाषण या 15 अगस्त पर निबंध प्रतियोगिता में शामिल हो रहे हैं तो हम आपके लिए 15 अगस्त पर भाषण का ड्राफ्ट लेकर आए हैं, जिसकी मदद से आप आसानी से स्वतंत्रता दिवस पर भाषण दे सकते हैं। आइए जानते हैं स्वतंत्रता दिवस पर भाषण कैसे दें?

    स्वतंत्रता दिवस पर भाषण (Speech On Independence Day In Hindi)

    सबसे पहले मंच पर जाएं और सभी को प्रणाम करें और अपना भाषण शुरू करें

    आदरणीय सर प्रणाम और यहां मौजूद सभी साथियों को मेरा नमस्कार। जैसा कि आप जानते हैं कि आज हम सब यहां आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एकत्रित हुए हैं।

    आजादी... तीन शब्दों से मिलकर बना है। इसी आजादी को पाने के लिए भारत ने 200 साल तक अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। भारत की स्वतंत्रता की यात्रा अपार बलिदान, साहस और एकता से भरी हुई है। 1857 के विद्रोह से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने हमारी स्वतंत्रता के लिए कई चुनौतियों का सामना किया।

    स्वतंत्रता दिवस एक ऐसा दिन है जो हमें स्वतंत्र और सुरक्षित महसूस कराता है। यह हमें हमारे महान नेताओं की प्रेरक यात्रा, निरंतर संघर्षशील प्रयासों और बलिदान की याद दिलाता है।

    भारत की आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम एक सदी से भी चला। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी पहली बार 17वीं सदी की शुरुआत में भारत में सिर्फ व्यापारी करने आई थी, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने भारत के संसाधनों पर कर लिया और देश को उपनिवेश बना लिया।

    19वीं सदी तक ब्रिटिश ने भारत पर कब्जा कर लिया और इसे एक सीधा उपनिवेश बना दिया। कई सालों के उत्पीड़न और गुलामी के बाद कुछ लोग ब्रिटिशों द्वारा किए गए अन्याय के खिलाफ लड़ने को तैयार हुए।

    देश की आजादी के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एक संगठन बनाया। INC पहले राजनीतिक संवाद के लिए एक मंच बन गया। लेकिन आंदोलन को असली गति तब मिली जब महात्मा गांधी भारत आए।

    'शांतिपूर्ण विरोध' की अवधारणा के माध्यम से महात्मा गांधी ने भारत को असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन दिया। गांधीजी के इन आंदोलनों में लोग बड़े पैमाने पर शामिल होने लगे।

    इसी दौरान द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हो गया। ब्रिटिश नियंत्रण कमजोर होने के कारण, स्वतंत्रता की मांग तेज हो गई। विभिन्न स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों के कारण अंततः अंग्रेजों को हार माननी पड़ी।

    काफी लंबे संघर्ष के बाद भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली। 15 अगस्त 1947 को भारत को एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित किया गया। भारत की आजादी के लिए मंगल पांडे, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और शहीद भगत सिंह समेत अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी।

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    अंत में भाषण खत्म करते हुए सब को धन्यवाद कहें।

    जय हिंदी, जय भारत

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