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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    India-Canada visa: ई-वीजा सेवा पर कनाडा को बड़ी राहत, PM मोदी और ट्रूडो के बीच बैठक से पहले भारत ने लिया बड़ा फैसला

    By Jagran NewsEdited By: Siddharth Chaurasiya
    Updated: Wed, 22 Nov 2023 01:31 PM (GMT+05:30)

    भारत ने बुधवार को कनाडाई नागरिकों के लिए ई-वीजा सेवाएं फिर से शुरू कर दीं। लगभग दो महीने के बाद भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीजा सेवाए ...और पढ़ें

    भारत ने बुधवार को कनाडाई नागरिकों के लिए ई-वीजा सेवाएं फिर से शुरू कर दीं।
    भारत ने बुधवार को कनाडाई नागरिकों के लिए ई-वीजा सेवाएं फिर से शुरू कर दीं।

    HighLights

    1. भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए फिर शुरू की ई-वीजा सेवा
    2. जी-20 की वर्चुअल मीटिंग में पीएम मोदी- जस्टिन ट्रूडो की होगी मुलाकात
    3. ट्रूडो ने देश की संसद में बयान देकर भारत पर लगाया था आरोप

    एएनआई, नई दिल्ली। भारत ने बुधवार को कनाडाई नागरिकों के लिए ई-वीजा सेवाएं फिर से शुरू कर दीं। लगभग दो महीने के विराम के बाद भारत सरकार ने कनाडाई नागरिकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीजा सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं। इससे पहले सितंबर में भारत और कनाडा के बीच बढ़े तनाव और दोनों देशों से राजनयिक निष्कासन के मद्देनजर 'परिचालन कारणों' का हवाला देते हुए भारत ने कनाडा में अपनी वीजा सेवा निलंबित कर दी थी।

    21 सितंबर को वीजा सेवाएं की गई थी निलंबित

    यह जानकारी न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से दी है। बता दें कि कनाडा के इन दावों पर चल रहे राजनयिक विवाद के बीच 21 सितंबर को वीजा सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं, कि जून में कनाडा के नागरिक खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में "भारत सरकार के एजेंट" शामिल थे।

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    ट्रूडो-पीएम मोदी की वर्चुअल मीटिंग

    भारत ने ऐसे वक्त में ई-वीजा फिर से शुरुआत करने की घोषणा की है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो जी-20 की वर्चुअल मीटिंग में आमने-सामने होने वाले हैं। इस मीटिंग से पहले भारत की तरफ से की गई कार्रवाई को दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

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    ट्रूडो का बयान बना तनाव की वजह

    कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो देश की संसद में बयान देकर भारत सरकार पर आरोप लगाया था कि निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों का हाथ है। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया। हालांकि, भारत ने ट्रूडो के आरोपों को बेतुका और प्रेरित बताकर सिरे से खारिज कर दिया है। वहीं, भारत ने साल 2020 में ही निज्जर को आतंकवादी घोषित कर दिया था।

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