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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुंबई हमले पर चौबीस घंटे भी नहीं टिक पाया पाकिस्तान का झूठ

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Fri, 01 Jul 2016 10:02 PM (IST)

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की तरफ से भारत पर मुंबई जांच हमले को लेकर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का लगाया गया आरोप 24 घंटे भी नहीं टिक पाया।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मुंबई हमले की जांच में पाकिस्तान सरकार के झूठ का फिर भंडाफोड़ हो गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की तरफ से भारत पर मुंबई जांच हमले को लेकर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का लगाया गया आरोप 24 घंटे भी नहीं टिक पाया।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह साफ कर दिया कि मुंबई हमले की जांच के लिए पाकिस्तान के विदेश सचिव की तरफ से अंतिम पत्र पिछले वर्ष सितंबर यानी नौ-दस महीने पहले भेजी गई थी। तब भारतीय विदेश सचिव ने उसका माकूल जवाब दे दिया था।

पाक के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा था कि मुंबई हमले की जांच में और सबूत के लिए उनके विदेश सचिव ने भारतीय विदेश सचिव को पत्र लिखा है लेकिन भारत की तरफ से कोई जबाव नहीं मिला है। पाक ने यह जताने की कोशिश की थी कि भारत की तरफ से जबाव नहीं मिलने की वजह से वह जांच प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा पा रहा है।

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इसके जबाव में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप का कहना है कि पाकिस्तान की तरफ से कोई भी नया पत्र नहीं मिला है। जो भी पत्र पहले मिला था उसका जबाब दिया जा चुका है। जहां तक इस हमले से जुड़े 24 गवाहों की गवाही का सवाल है तो इसके बारे में मीडिया से ही खबरें मिलती है।

भारत इस बारे में पाकिस्तान को हरसंभव मदद करने को तैयार है। हो सकता है कि निकट भविष्य में दोनो देशों के बीच सिसको लेकर और संवाद हो या पत्राचार हो। स्वरूप ने पठानकोट हमले की जांच का मुद्दा भी उठाया और कहा कि भारत अभी भी उम्मीद कर रहा है कि पाकिस्तान की तरफ से इसकी जांच के लिए ठोस कार्रवाई होगी।

भारत ने पाक पीएम नवाज शरीफ के विदेश मामलों में सलाहकार सरताज अजीज के इस बयान को भी खारिज किया है कि भारत द्विपक्षीय वार्ता से पीछे हट रहा है। भारत ने याद दिलाया है कि हर बार वार्ता की शुरुआत भारत की तरफ से ही होती है।

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