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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी मामले में भारत ने पाकिस्तान को छोड़ा पीछे, 43 प्रतिशत स्कोर के साथ छठे स्थान पर

    By Jagran NewsEdited By: Devshanker Chovdhary
    Updated: Wed, 09 Aug 2023 12:30 AM (IST)

    बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के मामले में भारत ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है। वहीं सुरक्षा के मामले में भारत का स्थान औसत से बेहतर है। वैश्विक गैर ला ...और पढ़ें

    बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी मामले में भारत ने पाकिस्तान को छोड़ा पीछे।
    बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी मामले में भारत ने पाकिस्तान को छोड़ा पीछे।

    मुंबई, पीटीआई। बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के मामले में भारत ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया है। वहीं, सुरक्षा के मामले में भारत का स्थान औसत से बेहतर है। हालांकि, भारत पड़ोसी देशों भूटान, बांग्लादेश और यहां तक कि नेपाल से पीछे है। वैश्विक गैर लाभकारी संगठन इंटरनेट सोसायटी द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

    क्यों जरूरी है बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी?

    रिपोर्ट में कहा गया है कि एक जुझारू या मजबूत इंटरनेट कनेक्शन खराबी या सामान्य परिचालन में चुनौतियों के बीच एक स्वीकार्य स्तर की सेवा को कायम रखता है। सोसायटी ने यह भी कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी अनिवार्य है।

    क्या कहती है रिपोर्ट?

    रिपोर्ट कहती है कि इंटरनेट की मजबूती के मामले में दक्षिण एशिया में भारत 43 प्रतिशत के कुल स्कोर के साथ छठे स्थान पर है। इस सूची में भारत का स्थान भूटान (58 प्रतिशत), बांग्लादेश (51 प्रतिशत), मालदीव (50 प्रतिशत), श्रीलंका (47 प्रतिशत) और नेपाल (43 प्रतिशत) के बाद है।

    इस रिपोर्ट में इंटरनेट के बुनियादी ढांचे, प्रदर्शन, सुरक्षा और बाजार के अनुरूप तैयारियों पर गौर किया गया है। सूची में हालांकि, भारत का स्थान पाकिस्तान से बेहतर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा के मामले में भारत का स्थान औसत से बेहतर है।

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    सुरक्षा के मामले में भारत का स्थान बेहतर

    दुनिया में भारत आईपीवी6 को अपनाने के मामले में सबसे आगे है। सुरक्षा के मामले में भारत को 66 प्रतिशत अंक मिले हैं, वहीं जब बात बुनियादी ढांचे की आती है, तो ये अंक घटकर 31 प्रतिशत पर आ जाते हैं। बाजार तैयारियों के मामले में भारत को 35 प्रतिशत अंक मिले हैं।