शेख हसीना की कब होगी बांग्लादेश वापसी? ढाका की अटकलों पर विदेश मंत्रालय ने लगाया विराम
भारत ने गुलाम जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन पर पाकिस्तान की आलोचना की और शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध की समीक्षा कर रहा है।

शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध की कर रहे समीक्षा। (एएनआई)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वह पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के प्रभावों का अध्ययन कर रहा है। भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। बता दें कि इन तीनों देशों ने शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत किसी एक सदस्य देश पर हमला सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने समझौते के संदर्भ में पूछे गए सवालों पर यह जवाब दिया।
उन्होंने कहा, 'हालिया समझौते के बारे में मैं यह कहना चाहूंगा कि हम पश्चिम एशिया के संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों पर लगातार करीबी नजर रख रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि जहां तक इस खास समझौते की बात है तो हम अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के दृष्टिकोण से इसके प्रभाव की जांच रहे हैं। भारत अपने राष्ट्रीय हितों को पूरा करने या उनकी रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस संबंध में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सुरक्षा विशेषज्ञों को आशंका है कि पाकिस्तान अपनी बढ़ती रणनीतिक अहमियत का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर सकता है। पश्चिम एशिया में नए सुरक्षा गठजोड़ के मजबूत होने से पाकिस्तान को आर्थिक और सैन्य संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिल सकती है।
आशंका यह भी है कि पाकिस्तान भारत के साथ-साथ इजरायल के खिलाफ अपनी भूमिका को सक्रिय करने की कोशिश कर सकता है। वह भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत की सर्जिकल स्ट्राइक जैसी नीति पर त्रिपक्षीय समझौते को कवच के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।
गुलाम जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान की आलोचना
भारत ने मंगलवार को गुलाम जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान की फिर कड़ी आलोचना की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उसे जवाबदेह ठहराने की अपील की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि गुलाम जम्मू-कश्मीर में 90 लोग मारे गए और कई घायल हुए हैं, क्योंकि पाकिस्तान ने कब्जे वाले इस क्षेत्र के लोगों की नाराजगी का जवाब गोलियों, अत्याचार और दमन से दिया है। उन्होंने यह जवाब गुलाम जम्मू-कश्मीर में बर्बरता को लेकर पूछे गए सवाल पर दिया। विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते भी गुलाम जम्मू-कश्मीर में बर्बर कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की थी।
शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध की कर रहे समीक्षा
एएनआई के अनुसार, भारत ने मंगलवार को दोहराया कि इस मामले में नई दिल्ली का रुख पहले जैसा है। भारत ने कहा कि वह बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने के लिए किए गए अनुरोध की तय प्रक्रियाओं के अनुसार समीक्षा कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह बात कही।
बता दें कि भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से पहली मुलाकात की। बैठक में बांग्लादेश पक्ष ने हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज करने की अपनी मांग दोहराई थी।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
