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भारत का पाकिस्तान को दोटूक जवाब, कहा- पाक की निराशा पर टिप्पणी करने की वजह नहीं

Updated: Sat, 22 Aug 2026 02:00 AM (IST)

पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राजनयिक को तलब किए जाने पर भारत ने शुक्रवार को इस्लामाबाद को आड़े हाथ लिया और कहा कि उसकी निराशा पर टिप्पणी करने की कोई वजह नहीं है।

भारत ने कहा- पाक की निराशा पर टिप्पणी करने की वजह नहीं (फोटो- एएनआई)

भारत ने कहा- पाक की निराशा पर टिप्पणी करने की वजह नहीं (फोटो- एएनआई)

HighLights

  1. पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राजनयिक को तलब किए जाने पर दिया यह बयान

  2. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर को बताया था भारत का अहम हिस्सा

पीटीआई, नई दिल्ली। पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राजनयिक को तलब किए जाने पर भारत ने शुक्रवार को इस्लामाबाद को आड़े हाथ लिया और कहा कि उसकी निराशा पर टिप्पणी करने की कोई वजह नहीं है।

बता दें कि भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में श्रीनगर का दौरा किया था और उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था।

इस बयान से तिलमिलाए पाकिस्तान ने बुधवार को अपने यहां अमेरिका के प्रभारी राजदूत नताली बेकर को तलब किया और सर्जियो गोर की टिप्पणियों पर कड़ा विरोध जताया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "मुझे पाकिस्तान की निराशा पर टिप्पणी करने के लिए कोई कारण नहीं दिखता।" उन्होंने यह जवाब पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राजनयिक को तलब किए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर दिया। जायसवाल ने यह भी जोर देकर कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं और हमेशा रहेंगे।

मक्का समझौते में बांग्लादेश के शामिल होने पर नजर

एएनआई के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर करीबी नजर रख रहे हैं। यह बयान पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच हाल ही में हुए मक्का रक्षा समझौते में बांग्लादेश के शामिल होने की इच्छा के बारे में पूछे जाने पर आया।

जबकि नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाए जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह उचित जवाब था। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के पास कुछ ढांचों को इसी तरह हटा दिया था। उसके इस कदम के जवाब में भारत ने यह संदेश दिया।

अरिहा शाह के मुद्दे पर जर्मनी के संपर्क में

एएनआई के मुताबिक, विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अरिहा शाह के मामले को लेकर जर्मनी के अधिकारियों के संपर्क में है। उसकी सांस्कृतिक परवरिश का ध्यान रखा जा रहा है। अरिहा एक भारतीय बच्ची है, जो करीब पांच वर्ष से जर्मनी के फास्टर केयर में है। उसे जिस समय यहां लाया गया था, तब वह महज सात महीने की थी। ऐसा तब किया गया था, जब उसकी दादी से अनजाने में उसे चोट लग गई थी।