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भारत-बेल्जियम रक्षा सहयोग को नया आयाम: 10 समझौतों पर हस्ताक्षर, पाकिस्तान को हथियार न देने पर मिला आश्वासन

Published: Fri, 04 Sep 2026 12:27 AM (IST)

प्रधानमंत्री मोदी और बेल्जियम के पीएम डी बीवर ने द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर व्यापक चर्चा की, जिसमें रक्षा, व्यापार और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में 10 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

भारत-बेल्जियम रक्षा सहयोग को नया आयाम। (एएनआई)

भारत-बेल्जियम रक्षा सहयोग को नया आयाम। (एएनआई)

HighLights

  1. रक्षा और व्यापार में 10 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

  2. पाकिस्तान को हथियार न देने पर बेल्जियम का आश्वासन।

  3. द्विपक्षीय व्यापार अगले पांच वर्षों में दोगुना होगा।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी. बीवर ने गुरुवार को द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर लंबी बात की। इस व्यापक वार्ता के बाद मोदी ने पिछली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि पर जोर दिया और देश की तरक्की को दुनिया के लिए भरोसे और नए मौकों का स्रोत बताया।

दोनों नेताओं ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर करके रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही सेमीकंडक्टर व दुर्लभ खनिजों से लेकर स्वच्छ ईंधन तक के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध प्रगाढ़ बनाने की ओर कदम बढ़ाया। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय कारोबार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

मोदी-डी बीवर वार्ता के दौरान बेल्जियम और भारतीय रक्षा उद्योग के बीच सहयोग पर 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें थेल्स बेल्जियम और कल्याणी ग्रुप के बीच किया गया समझौता भी शामिल है, जिसके तहत भारत में 70 मिलीमीटर के राकेटों का संयुक्त उत्पादन किया जाएगा।

गहरे होते रक्षा संबंधों के साथ ही भारत ने ब्रसेल्स स्थित अपने दूतावास में एक रेजिडेंट डिफेंस अटैची की नियुक्ति की घोषणा की। इसके अलावा जल्द ही एक माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौता करने का भी फैसला किया गया। भारत में बेल्जियम के निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक इन्वेस्टमेंट फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म बनाया जा रहा है।

भारत और बेल्जियम के बीच अभी 13 अरब डालर का कारोबार होता है। दोनों देशों के बीच अभी ज्यादातर कारोबार हीरे व महंगे जवाहरात का होता है, लेकिन गुरुवार की वार्ता में इसे ज्यादा व्यापक बनाने पर सहमति बनी।

साथ ही अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, साइबर क्राइम और इससे जुड़े मामलों से निपटने में सहयोग के लिए सीबीआइ और बेल्जियम फेडरल पुलिस के बीच एक अलग एमओयू पर सहमति बनी है।

इस दौरान मोदी ने बेल्जियम के साथ सहयोग के क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा, "महत्वपूर्ण खनिजों में हमने प्रोसेसिंग और री-साइक्लिंग में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। सेमीकंडक्टर में बेल्जियम की विशेषज्ञता और भारत का स्केल एक-दूसरे के पूरक हैं।"

उन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा व सुरक्षा सहयोग को समग्र संबंधों का "मुख्य स्तंभ" बताया और कहा, "हम अपराधों से निपटने में अपनी एजेंसियों के बीच खुफिया सूचनाओं को साझा करने और सहयोग को और मजबूत करेंगे। हम यूनिवर्सिटी और रिसर्च में सहयोग को भी मजबूत करेंगे।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने बताया कि 10 वर्ष पहले उन्हें बेल्जियम जाने का मौका मिला था और इस दौरान दोनों देशों की साझेदारी ने काफी प्रगति की है। अब यह सहयोग पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुंच गया है।

इसका एक उदाहरण जोरावर टैंक जैसे आधुनिक रक्षा उपकरणों पर चल रहा साझा काम है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स में से एक को भी विकसित किया जा रहा है।

भारत ने कहा, पाकिस्तान को रक्षा उपकरण व हथियार न दे बेल्जियम

दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच बैठक से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकेन के बीच बैठक हुई। अधिकारियों ने बताया कि राजनाथ ने बेल्जियम के रक्षा मंत्री के समक्ष स्पष्ट कहा कि उन्हें इस बात का ख्याल रखना होगा कि रक्षा क्षेत्र से जुड़ी संवेदनशील प्रौद्योगिकी पाकिस्तान को हस्तांतरित न हो।

बेल्जियम की तरफ से भारत को आश्वस्त किया गया है कि ऐसा नहीं किया जाएगा। इसके पहले भारत ने जापान के साथ रक्षा संबंधों को लेकर हुई द्विपक्षीय बैठक में भी पाकिस्तान को रक्षा उपकरणों या हथियारों की बिक्री को लेकर अपनी चिंताएं जताई थीं।

जापान के अलावा इटली, पोलैंड और नीदरदलैंड के साथ रक्षा सहयोग पर हुई बैठकों में भी भारत ने इन देशों की तरफ से पाकिस्तान को हथियारों या रक्षा उपकरणों की बिक्री का मुद्दा उठाया था। भारत का तर्क है कि इन देशों से जो हथियार पाकिस्तान को दिए जाते हैं, उनका इस्तेमाल वह आतंकियों के जरिये भारत के हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए करता है।

चोकसी के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठा

भारत की तरफ से आर्थिक भगोड़े मेहुल चोकसी का मुद्दा भी उठाया गया जो बेल्जियम में है। भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है। बाद में दोनों देशों की तरफ से जारी संयुक्त बयान में बेल्जियम ने भारत के साथ मिलकर पहलगाम हमले की निंदा की। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र की तरफ से नामित आतंकियों के विरुद्ध वैश्विक स्तर पर कार्रवाई की बात भी कही।

एफटीए समय पर लागू करने की जताई इच्छा

बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता पूरा होने को एक बड़ा मील का पत्थर बताया और कहा कि दोनों देश एक ऐसा रिश्ता बना रहे हैं जो पहले से कहीं अधिक व्यापक और रणनीतिक है। संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को समय पर लागू करने की इच्छा जताई।

साथ ही यूक्रेन व पश्चिम एशिया में संघर्षों को बातचीत एवं कूटनीति के जरिये, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार हल करने का समर्थन किया। वार्ता के दौरान बेल्जियम ने सुधार के बाद विस्तारित संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का फिर समर्थन किया।