Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    '38 घंटे तक हिरासत में रख किया गया अपराधियों जैसा व्यवहार' भारतीय इंफ्लुएंसर का दक्षिण कोरिया में मानसिक टॉर्चर

    Updated: Sun, 22 Feb 2026 03:09 PM (IST)

    सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर सचिन अवस्थी और उनकी पत्नी दीप्तिशिखा मिश्रा को दक्षिण कोरिया के जेजू आइलैंड में 38 घंटे तक हिरासत में रखा गया। अपराधियों जैसा व ...और पढ़ें

    इन्फ्लुएंसर सचिन अवस्थी को साउथ कोरिया में 38 घंटे तक हिरासत में रखा गया

    इन्फ्लुएंसर सचिन अवस्थी को साउथ कोरिया में 38 घंटे तक हिरासत में रखा गया

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली: सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर सचिन अवस्थी अपनी पत्नी दीप्तिशिखा मिश्रा के साथ दक्षिण कोरिया के जेजू आइलैंड घूमने गए थे। जहां उनको बिना किसी वजह के 38 घंटे तक हिरासत में रखा गया और अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।

    सचिन अवस्थी ने इंस्टाग्राम पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि जेजू आइलैंड पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद उनकी यात्रा पूरी तरह बदल गई। उन्होंने लिखा कि उन्हें और उनकी पत्नी को बिना किसी स्पष्ट कारण के देश में प्रवेश से मना कर दिया गया और एक होल्डिंग एरिया में ले जाया गया, जहां उनसे बस इंतजार करने को कहा गया।

    जेल जैसी हिरासत का आरोप

    सचिन के अनुसार, दोनों को एक ऐसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया जो जेल जैसा था, जहां न तो धूप आती थी और न ही बाहरी दुनिया से संपर्क की अनुमति थी। उन्हें वही खाना दिया गया, जिसे उन्होंने जेल का खाना बताया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने यह तक नहीं बताया कि आगे क्या होने वाला है।

    इंफ्लुएंसर का आरोप है कि अधिकारियों ने उन पर दबाव डालकर बेहद महंगा रिटर्न टिकट बुक कराने के लिए मजबूर किया। चीन से ट्रांजिट के दौरान भी कथित तौर पर परेशानियां कम नहीं हुईं। उन्होंने बताया कि फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित था, खाना नहीं दिया गया, पानी सीमित था और यहां तक कि शौचालय का इस्तेमाल भी पुलिस निगरानी में कराया गया।

    खबरें और भी

    इंफ्लुएंसर के साथ मानसिक टॉर्चर

    सचिन ने कहा कि जब उन्हें भारत वापस भेजने का फैसला सुनाया गया, तब तक वे मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुके थे। उन्होंने बताया कि वापसी का टिकट सामान्य कीमत से करीब 10 गुना महंगा था, लेकिन उस वक्त बहस करने की ताकत नहीं बची थी। उनका कहना है कि वह यह अनुभव सहानुभूति या ड्रामा के लिए साझा नहीं कर रहे, बल्कि इसलिए ताकि लोग सच्चाई जान सकें।

    सचिन ने माना कि इमिग्रेशन से जुड़े फैसले अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें अपराधियों की तरह ट्रीट करने का कोई हक नहीं था। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर यात्रा जितनी ग्लैमरस दिखती है, असलियत कई बार बिल्कुल अलग हो सकती है।

    हिरासत की वजह और नस्लभेद का आरोप

    अपने यूट्यूब वीडियो में सचिन अवस्थी ने खुलासा किया कि जेजू आइलैंड के लिए उड़ान भरने से पहले उनसे बड़ी मात्रा में नकदी रखने को कहा गया था। बाद में हिरासत के दौरान उन्हें बताया गया कि अधिकारियों को उनकी यात्रा की मंशा स्पष्ट नहीं लगी, इसलिए प्रवेश से इनकार कर दिया गया।

    सचिन का दावा है कि उनसे ऐसे फॉर्म पर जबरन साइन कराए गए, जिनमें लिखा था कि उन्हें उचित भोजन और आवास दिया गया। उन्होंने जेजू आइलैंड प्रशासन पर नस्लभेद का आरोप भी लगाया और कहा कि कई अन्य यात्रियों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार हुआ।