यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Indian Navy: भारतीय नौसेना समुद्री डाकुओं के लिए बनी काल, जहाजों के अपहरण का प्रयास विफल
भारतीय नौसेना समुद्री डाकुओं के लिए काल बन गई है। वह डाकुओं के हर प्रयास को विफल करने का प्रयास कर रही है। ताजा घटनाक्रम में नौसेना ने सोमालिया के पूर ...और पढ़ें

HighLights
- तीन माह पहले अपहृत जहाज पर सवार समुद्री डाकू दूसरे जहाज को शिकार बनाने का कर रहे थे प्रयास
- नौसेना ने जहाज को घेरकर इस पर सवार डाकुओं से आत्मसमर्पण करने को कहा
पीटीआई, नई दिल्ली। भारतीय नौसेना समुद्री डाकुओं के लिए काल बन गई है। वह डाकुओं के हर प्रयास को विफल करने का प्रयास कर रही है। इस काम में वह सफल होते भी दिख रही है। नौसेना द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई से वर्षों से मालवाहक जहाजों के लिए चिंता का कारण बने समुद्री डाकुओं के हौसले अब पस्त होने लगे हैं।
समुद्री डाकुओं के प्रयास को किया विफल
ताजा घटनाक्रम में नौसेना ने सोमालिया के पूर्वी तट पर जहाजों के अपहरण के समुद्री डाकुओं के एक प्रयास को विफल कर दिया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि समुद्री डाकू उस जहाज पर सवार थे, जिसका लगभग तीन माह पहले अपहरण कर लिया गया था। वे इस जहाज पर सवार होकर किसी दूसरे जहाज को अपना शिकार बनाने के प्रयास में थे। नौसेना ने जहाज को घेर कर इस सवार डाकुओं से आत्मसमर्पण करने को कहा है।
भारतीय युद्धपोत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार की कार्रवाई
नौसेना के अनुसार, समुद्र में अपहरण को अंजाम देने के लिए एमवी रुएन जहाज का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस जहाज का 14 दिसंबर को सोमालिया के समुद्री डाकुओं ने अपहरण कर लिया था। भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत ने 15 मार्च को इस जहाज का पीछा किया। नौसेना ने बताया कि इस दौरान जहाज से युद्धपोत पर गोलीबारी की गई। भारतीय युद्धपोत ने भी आत्मरक्षा में अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार कार्रवाई की।
#IndianNavy thwarts designs of Somali pirates to hijack ships plying through the region by intercepting ex-MV Ruen.
— SpokespersonNavy (@indiannavy) March 16, 2024
The ex-MV Ruen, which had been hijacked by Somali pirates on #14Dec 23, was reported to have sailed out as a pirate ship towards conducting acts of #piracy on high… pic.twitter.com/gOtQJvNpZb
पहले भी समुद्री डाकुओं के हौसले को पस्त कर चुकी है नौसेना
नौसेना के अनुसार, जहाज पर सवार समुद्री डाकुओं से आत्मसमर्पण करने के साथ ही उनके द्वारा बंधक बनाए जहाज तथा नागरिकों को रिहा करने का आह्वान किया गया है। भारतीय नौसेना इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय नौसेना इससे पहले भी समुद्री डाकुओं के हौसले पस्त कर चुकी है।
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भारतीय युद्धपोत ने की बांग्लादेशी जहाज की सहायता
शुक्रवार को नौसेना ने कहा था कि एक भारतीय युद्धपोत और एक लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान ने बांग्लादेशी ध्वज वाले मालवाहक जहाज के अपहरण के बाद उसे सहायता प्रदान की। पिछले कुछ सप्ताह में भारतीय नौसेना ने कई व्यापारिक जहाजों को सहायता प्रदान की है।
पहले भी किया था डकैती के प्रयास को विफल
भारतीय नौसेना ने इस महीने की शुरुआत में सोमालिया के पूर्वी तट पर 11 ईरानी और आठ पाकिस्तानी नागरिकों के चालक दल वाले मछली पकड़ने वाले जहाज पर डकैती के प्रयास को विफल कर दिया था। जनवरी में भारतीय युद्धपोत आईएनएस सुमित्रा ने सोमालिया के पूर्वी तट पर समुद्री डाकुओं द्वारा हमला किए जाने के बाद ईरानी ध्वज वाले मछली पकड़ने वाले जहाज के 19 पाकिस्तानी चालक दल को बचाया था। नौसेना ने पांच जनवरी को उत्तरी अरब सागर में लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज एमवी लीला नोरफोक के अपहरण के प्रयास को विफल कर दिया था।
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नौसेना ने की समुद्री मार्गों की निगरानी तेज
नौसेना ने उत्तर और मध्य अरब सागर सहित महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की निगरानी तेज कर दी है। पिछले कुछ महीनों आतंकवादियों द्वारा लाल सागर में मालवाहक जहाजों पर सिलसिलेवार हमले शुरू करने के बाद वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसे में भारतीय नौसेना बड़ी भूमिका निभा रही है।