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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    प्रीडेटर ड्रोन से खौफ खाएगा दुश्मन, नौसेना देख चुकी है क्षमता अब भारतीय सीमाओं पर तैनाती की तैयारी

    By AgencyEdited By: Devshanker Chovdhary
    Updated: Tue, 26 Sep 2023 07:41 PM (IST)

    Predator Drones प्रीडेटर एम क्यू-9बी ड्रोन का इस्तेमाल दुश्मनों के ठिकाने नष्ट करने के लिए किए जा सकते हैं। ये ड्रोन में मिसाइल बम और एडवांस सेंसर से ...और पढ़ें

    भारतीय नौसेना प्रीडेटर ड्रोन का कर रही है इस्तेमाल। (फाइल फोटो)
    भारतीय नौसेना प्रीडेटर ड्रोन का कर रही है इस्तेमाल। (फाइल फोटो)

    अराकोणम (तमिलनाडु) एएनआई। Predator Drones: भारत को अमेरिका से 31 प्रीडेटर ड्रोन मिलने जा रहे हैं। इन ड्रोनों की मदद से भारतीय सीमाओं पर नजर रखी जा सकेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे।

    भारतीय नौसेना कर रही इस्तेमाल

    फिलहाल इन ड्रोनों का इस्तेमाल भारतीय नौसेना कर रही है। भारतीय नौसेना को 2020 में अमेरिका से दो प्रीडेटर ड्रोन मिले थे। नौसेना को मिले इन ड्रोनों ने अब तक 13,000 घंटे से अधिक की उड़ान भरी है। इसे आईएनएस राजली, नौसेना एयर बेस पर तैनात किया गया है। जहां से पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में नजर रखी जा रही है।

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    नेवी को 2020 में मिले थे दो ड्रोन

    इस ड्रोन यूनिट के दूसरे कमांड लेफ्टिनेंट कमांडर लोकेश पांडे ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि भारतीय नौसेना 2020 से दो ड्रोनों का उपयोग कर रही है। इसे अमेरिकी फर्म जनरल एटॉमिक्स से पट्टे पर लिया गया था।

    एक बार में 30 घंटे से अधिक उड़ान भरने की क्षमता

    लोकेश पांडे ने बताया कि इस ड्रोन की क्षमता एक बार में 4,000-8,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी कवर करने की है। साथ ही ये ड्रोन एक बार में 30 घंटे से अधिक की उड़ान भर सकता है, जिसे पूरे हिंद महासागर क्षेत्र को कवर किया जा सकता है।

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    दुश्मनों के ठिकाने नष्ट करने में कारगर

    प्रीडेटर एम क्यू-9बी ड्रोन का इस्तेमाल दुश्मनों के ठिकाने नष्ट करने के लिए किए जा सकते हैं। ये ड्रोन में मिसाइल, बम और एडवांस सेंसर से लैस होगा, जो भारतीय सशस्त्र बलों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।

    बता दें कि अमेरिका लगातार इन ड्रोनों का इस्तेमाल करता रहा है। अमेरिका ने अल-कायदा के अयमान अल-जवाहिरी और अन्य आतंकवादियों के खिलाफ हमलों में इसका इस्तेमाल किया है।

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    भारत को मिलेंगे 31 प्रीडेटर ड्रोन

    भारत को मिलने वाले 31 प्रीडेटर ड्रोन की खरीदारी 3.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर में हो रही है। हालांकि, उम्मीद है इसमें कुछ छूट मिल सकती है। जानकारी के अनुसार, इन 31 ड्रोनों में से 15 ड्रोन नौसेना को मिलेंगे, जबकि आठ ड्रोन थल सेना और आठ ड्रोन वायु सेना को दिए जाएंगे।