गैस आपूर्ति बढ़ने से यूरिया उत्पादन में उछाल, खरीफ से पहले उर्वरकों की स्थिति मजबूत
केंद्र सरकार ने दावा किया है कि रबी सीजन के लिए पर्याप्त उर्वरक भंडार है और खरीफ के लिए भी व्यापक तैयारी है। पश्चिम एशिया संकट के बावजूद, आयात स्रोतों ...और पढ़ें

गैस आपूर्ति बढ़ने से यूरिया उत्पादन में उछाल। (प्रतीकात्मक तस्वीर )
HighLights
रबी के लिए पर्याप्त उर्वरक, खरीफ की व्यापक तैयारी।
गैस आपूर्ति में 23% वृद्धि, यूरिया उत्पादन बढ़ा।
कुल उर्वरक भंडार पिछले साल से 30% अधिक।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने दावा किया है कि रबी सीजन के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडार है और समय रहते कदम उठाकर अगली फसल के लिए भी व्यापक तैयारी कर ली गई है। आगामी खरीफ सीजन में भी किसानों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हालांकि पश्चिम एशिया संकट का असर सप्लाई चेन पर पड़ा है। खासतौर पर सऊदी अरब और ओमान से आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए आयात के स्त्रोतों में विविधता लाई जा रही है। रूस, बेलारुस, मोरक्को एवं अल्जीरिया आदि देशों से पोटाश और अमोनिया की आपूर्ति के लिए संपर्क किया गया है। इन देशों से अतिरिक्त आपूर्ति का भरोसा मिला है। सरकार ने वैश्विक टेंडर के जरिए भी उर्वरकों की खरीद तेज कर दी है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार मार्च 2026 के अंत तक उर्वरकों से भरे कई जहाज भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना है। आयातित उर्वरकों की तेजी से ढुलाई के लिए बंदरगाहों को भी तैयार किया गया है। जहाजों से माल अविलंब उतारने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। लक्ष्य है कि उर्वरक सीधे फैक्ट्रियों और बाजार तक जल्दी पहुंचें।
सरकार का मानना है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने, गैस आपूर्ति सुधारने और आयात के स्त्रोतों को विविध बनाने से मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहेगा। इससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और पर्याप्त उर्वरक मिल सकेगा।
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भविष्य के खतरे को देखते हुए स्पॉट मार्केट से अतिरिक्त गैस खरीद कर उर्वरक संयंत्रों को उपलब्ध कराया गया है। पहले प्रतिदिन करीब 32 लाख घन मीटर गैस मिल रही थी, अब यह बढ़कर लगभग 40 लाख घन मीटर हो गई है। यानी करीब 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अतिरिक्त गैस आपूर्ति का सीधा असर यूरिया उत्पादन पर पड़ा है।
अब तक 62 प्रतिशत क्षमता पर चल रहे प्लांट 78 से 80 प्रतिशत क्षमता तक पहुंचने लगे हैं। इससे प्रतिदिन 12,500 से 13,000 टन अतिरिक्त यूरिया उत्पादन होने का अनुमान है। कुल उत्पादन भी बढ़कर लगभग 67 हजार टन प्रतिदिन के आसपास पहुंच रहा है।
उर्वरकों के भंडार की स्थिति भी पहले से बेहतर है। 19 मार्च तक देश में यूरिया का स्टाक 61.14 लाख टन है, जो पिछले साल 55.22 लाख टन था। डीएपी का स्टॉक दोगुने से अधिक बढ़कर 24.24 लाख टन हो गया है, जबकि एनपीके का भंडार 57.21 लाख टन तक पहुंच गया है। कुल मिलाकर उर्वरकों का कुल भंडार करीब 180 लाख टन के आसपास है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत अधिक है।