Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पृथ्वी की बचाने के लिए बेहद जरूरी है ओजोन परत, पढ़ें इसको लेकर क्यों बढ़ रही वैज्ञानिकों की चिंता

    By Shalini KumariEdited By: Shalini Kumari
    Updated: Sat, 16 Sep 2023 11:45 AM (IST)

    Ozone Day 2023 जीवन के लिए ऑक्सीजन जितना महत्व रखता है उतना ही महत्वपूर्ण ओजोन भी है। दरअसल यह सूर्य की किरणों से आने वाली हानिकारक किरणों से लोगों को ...और पढ़ें

    1995 में पहली बार मनाया गया अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस
    1995 में पहली बार मनाया गया अंतरराष्ट्रीय ओजोन दिवस

    HighLights

    1. हर साल 16 सितंबर को मनाते हैं ओजोन परत संरक्षण दिवस
    2. ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं (O3) से मिलकर बनने वाली गैस है ओजोन लेयर
    3. 16 सितंबर, 1995 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार मनाया गया ओजोन दिवस

    नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। हर साल पूरी दुनिया में 16 सितंबर को ओजोन दिवस मनाया जाता है। दरअसल, पृथ्वी के संरक्षण के लिए ओजोन परत की काफी अहम भूमिका होती है। पृथ्वी पर जीवन संभव बनाने के लिए ओजोन परत बेहद महत्वपूर्ण है। हर साल ओजोन दिवस मनाने का उद्देश्य है कि लोगों को इसके बचाव के लिए जागरूक किया जाए और इसके महत्व को समझा जा सकें।

    इस लेख में हम आपको बताएंगे कि ओजोन परत इतना जरूरी क्यों है और आखिर दुनिया में ओजोन दिवस क्यों मनाया जाता है।

    क्या है ओजोन परत? (What Is Ozone Layer)

    पृथ्वी की वायुमंडल के एक परत को ओजोन परत कहा जाता है। यह सूरज से आने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों को पृथ्वी में प्रवेश करने से रोकती है और इन हानिकारक किरणों से होने वाली समस्या से भी बचाती है। ओजोन लेयर ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं (O3) से मिलकर बनने वाली गैस है। ओजोन की परत की खोज 1913 में फ्रांस के भौतिकविदों फैबरी चार्ल्स और हेनरी बुसोन ने की थी।

    माना जाता है कि यह वायुमंडल की सबसे ऊंची परतों में से एक है, इसलिए यह पृथ्वी के लिए लाभकारी है, लेकिन यदि यह करीब होती तो, इसके कारण ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या पैदा हो सकती थी।

    ओजोन दिवस का इतिहास

    दरअसल, 1970 में वैज्ञानिकों को खोज के दौरान पता चला कि ओजोन परत में छेद हो रहा है, जिसकी जानकारी उन्होंने दुनिया को दी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में इसको लेकर चर्चा होने लगी। इसके बाद ओजोन परत की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र और 45 देशों ने मिलकर 16 सितंबर, 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए। इसके मुताबिक, ओजोन परत की सुरक्षा के लिए सभी देश एक-साथ मिलकर काम करेंगे।

    यह भी पढ़ें: Maharashtra News: गणेश चतुर्थी पर जमकर बरसेंगे बादल, कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी

    ओजोन परत के महत्व को देखते हुए 19 दिसंबर, 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने घोषणा की कि हर साल 16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस मनाया जाएगा। इसके बाद 16 सितंबर, 1995 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दिवस मनाया गया।

    खबरें और भी

    ओजोन दिवस की थीम

    हर साल ओजोन दिवस एक खास थीम के साथ मनाई जाती है। इस साल विश्व ओजोन दिवस की थीम 'मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल: फिक्सिंग द ओजोन लेयर एंड रिड्यूसिंग द क्लाइमेट चेंज' है। इसका मतलब है कि ओजोन परत की मरम्मत और जलवायु परिवर्तन को कम करने पर जोर दिया जाएगा।

    क्यों जरूरी है ओजोन परत का संरक्षण

    दरअसल, सूर्य से निकलने वाली किरणें हमारे शरीर को काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे कैंसर और त्वचा संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। यूवी किरण से स्किन का कसाव कम होने लगता है और त्वचा ढीली पड़ने के बाद सिकुड़ने लगती है।

    इसके अलावा, यह अल्ट्रावायलेट रेज़ से भी बचाता है। यह चेहरे और त्वचा पर फाइन लाइन और झुर्रियों का कारण बनती हैं। इतना ही नहीं, बल्कि इन रेज़ से आंखों में भी काफी नुकसान होता है। लोगों की इम्यून सिस्टम भी इन किरणों से काफी प्रभावित होती हैं, जिसके कारण लोग आसानी से किसी बीमारी और इंफेक्शन की चपेट में आ जाते हैं।

    यह भी पढ़ें: पृथ्वी की रक्षा कवच का काम करती है ओजोन परत, क्षरण के गंभीर परिणाम आएंगे सामने

    कैसे होगी ओजोन परत की सुरक्षा

    • ओजोन परत को बचाने के लिए वाहन, फ्रिज और एसी का इस्तेमाल कम करना चाहिए।
    • हर तरफ ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए।
    • रबर, प्लास्टिक, गाड़ियों के टायर आदि को कम जलाना चाहिए।