यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंटरनेट मीडिया कंपनियों को 24 घंटे में शिकायतों को करना होगा स्वीकार, समिति बनाने पर विचार कर रही सरकार
इंटरनेट मीडिया पर सामग्री और अन्य मुद्दों से संबंधित उपभोक्ताओं की शिकायतों को कंपनियां जिस तरह निपटाती हैं उन पर विचार के लिए सरकार अपीलीय समिति गठित ...और पढ़ें

नई दिल्ली, प्रेट्र: इंटरनेट मीडिया पर सामग्री और अन्य मुद्दों से संबंधित उपभोक्ताओं की शिकायतों को कंपनियां जिस तरह निपटाती हैं, उन पर विचार के लिए सरकार अपीलीय समिति गठित करना चाहती है। दिग्गज इंटरनेट मीडिया कंपनी मेटा और माइक्रोब्लागिंग साइट ट्विटर अपनी अपीलीय समिति के गठन पर जोर दे रहे हैं। दूसरी तरफ, इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तीन सदस्यीय समिति गठित करने के पक्ष में है, जो शिकायतों पर विचार करेगी।
मेटा के पास फेसबुक और वाट्सएप का स्वामित्व है। समिति का गठन सूचना प्रौद्योगिकी कानून, 2021 में बदलाव के जरिये किया जाएगा। इस बात का प्रविधान करने पर विचार किया जा रहा है, जिसमें इंटरनेट मीडिया कंपनियों को 24 घंटे में उपभोक्ताओं की शिकायतों को स्वीकार करना होगा। इन शिकायतों का 15 दिनों में समाधान भी करना होगा।
इंटरनेट मीडिया के शिकायत अधिकारी के फैसले से यदि कोई यूजर संतुष्ट नहीं है, तो वह 30 दिनों के भीतर अपीलीय समिति से संपर्क कर सकता है। शिकायतों का दायरा बाल यौन शोषण सामग्री से लेकर पेटेंट का उल्लंघन, गलत सूचना देने और देश की एकता तथा अखंडता के लिए खतरा उत्पन्न करने वाली सामग्रियों तक से संबंधित हो सकता है।
अगले लोकसभा चुनाव में गलत सूचनाएं फैलने से रोकेगा यूट्यूब
यूट्यूब ने गुरुवार को कहा कि उसके पास 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए एक स्पष्ट नीति है। इस दौरान वह गलत सूचनाओं को जल्द-से-जल्द हटाएगा और व्यापक दृष्टिकोण से काम करेगा। एक कार्यक्रम में यूट्यूब के मुख्य उत्पाद अधिकारी नील मोहन ने कहा, कहां वोट डालना है, किस तरह वोट डालना है, प्रत्याशियों का दायित्व क्या है, इनको लेकर हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई गलत सूचना नहीं फैले।