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जयपुर सीजेपी-ग्रामीण विवाद मामला: मारपीट के 24 घंटे में पक्के कमरे में स्थानांतरित हुआ सरकारी स्कूल

Updated: Sun, 23 Aug 2026 02:10 AM (IST)

सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका व उनके सहयोगियों और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद शनिवार सुबह स्कूल को 50 मीटर दूर पक्के घर के एक कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया।

मारपीट के 24 घंटे में पक्के कमरे में स्थानांतरित हुआ सरकारी स्कूल (फोटो- सोशल मीडिया)

 मारपीट के 24 घंटे में पक्के कमरे में स्थानांतरित हुआ सरकारी स्कूल (फोटो- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. जयपुर में सीजेपी प्रवक्ता व उनके सहयोगियों और ग्रामीणों के बीच हुआ था विवाद

  2. सीजेपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने पुलिस पर दबाव बनाने का लगाया आरोप 

जागरण संवाददाता, जयपुर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता आशुतोष रांका व उनके सहयोगियों और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद के बाद शनिवार सुबह स्कूल को 50 मीटर दूर पक्के घर के एक कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया। जिस कमरे में स्कूल को स्थानांतरित किया गया, वहां पहले किराने की दुकान संचालित होती थी।

बता दें कि शुक्रवार को रामपुरा-कंवरपुरा गांव के प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे रांका और सीजेपी कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया था।

इस मामले में ग्रामीणों और सीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से एक-दूसरे के विरुद्ध मारपीट, तोड़फोड़, हुडदंग सहित अन्य आरोप लगाते दर्ज करवाई गई रिपोर्ट पर पुलिस ने जांच प्रारंभ की है। दोनों पक्षों ने पुलिस पर उन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने शनिवार को एक बयान में कहा कि जयपुर के प्रतापनगर थाना पुलिस ने उन्हे डराने और दबाव बनाने का प्रयास किया है। पुलिसकर्मी उनके व स्वजन के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।

रांका ने कहा, 15 पुलिसकर्मी हमारे कार्यकर्ता के घर के बाहर खड़े हैं। प्रदेश के शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है। अब पूरा देश राजस्थान के स्कूलों की दयनीय स्थिति को देखेगा।

उधर ग्रामीणों ने कहा, सीजेपी ने पुलिस प्रशासन पर हमारे खिलाफ 48 घंटे में कार्रवाई का दबाव बनाया है, लेकिन अब हम सरकार से यह मांग करेंगे कि जिन लोगों ने हमारे गांव में आकर उत्पात मचाया उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पुलिस उपायुक्त राजर्षि राज वर्मा ने कहा कि दोनों पक्षों के बयान एवं साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच होगी। जिस पक्ष की जो भूमिका सामने आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।