अमेरिका कैसे बन रहा सबसे ताकतवर देश? बदलती वैश्विक तस्वीर पर विदेश मंत्री जयशंकर का बड़ा बयान
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने अपनी पसंद से अकेली ताकत बनने का ...और पढ़ें

बदलती वैश्विक व्यवस्था पर विदेश मंत्री जयशंकर का बड़ा बयान (फोटो- ANI)
HighLights
अमेरिका ने अपनी पसंद से अकेली ताकत बनने का विकल्प चुना।
भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष में सक्रिय मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है।
रूस और यूक्रेन दोनों ने भारत के शांति प्रस्तावों को सराहा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने अपनी पसंद से अकेली ताकत बनने का विकल्प चुना है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को लंबे समय तक अमेरिका का भारी समर्थन हासिल था, लेकिन अब उसके बदले हुए रुख से यह व्यवस्था कमजोर हो रही है। अमेरिका और चीन की बढ़ती प्रतिस्पर्धा हर देश के प्रभाव को प्रभावित कर रही है।
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत का रुख अब सिर्फ शांति की वकालत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत अब युद्ध समाप्त कराने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत दोनों देशों के बीच व्यावहारिक समाधान और मध्यस्थता की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
कीव के निरंतर संपर्क में भारत
विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत इस समय काला सागर में जहाजों की सुरक्षा, अनाज और ऊर्जा निर्यात, तथा दोनों देशों की तात्कालिक सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए मॉस्को और कीव दोनों के साथ निरंतर संपर्क में है।
रूस और यूक्रेन दोनों से बातचीत जारी...
जयशंकर ने आगे कहा, "हम इस संघर्ष का अंत देखना चाहते हैं। इसके लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता होगी। हम कई वर्षों से इसकी वकालत कर रहे हैं, और हाल के महीनों में हमने वकालत से आगे बढ़कर इसमें और अधिक सक्रिय भूमिका निभाई है। हम इस संबंध में रूस और यूक्रेन दोनों से बातचीत कर रहे हैं।"
युद्ध समाप्त करने के लिए भारत कर रहा निरंतर चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने म्यूनिख में आयोजित 'लीडर्स मीटिंग' को संबोधित करते हुए कहा कि भारत रूस-यूक्रेन युद्ध में शत्रुता की समाप्ति के लिए व्यावहारिक विचारों पर निरंतर चर्चा कर रहा है। इससे पहले, पीएम मोदी द्वारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध रोकने का संदेश दिए जाने के तुरंत बाद, जयशंकर ने अपनी यूक्रेन यात्रा के दौरान भी संकेत दिए थे कि भारत युद्ध रोकने के लिए विचार विकसित कर रहा है।
रूस और यूक्रेन दोनों ने सराहा भारत का शांति प्रस्ताव
भारत के इन प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हो रही है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि शांति स्थापना के लिए पीएम मोदी के पास बेहद व्यावहारिक और अच्छे विचार हैं। वहीं, यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने स्पष्ट किया कि अमेरिका सहित कई देशों से प्राप्त चार शांति प्रस्तावों में से भारत द्वारा पेश किया गया प्रस्ताव सबसे व्यापक और विस्तृत है।
