झीरम कांड में इंसाफ की घड़ी करीब, एनआईए स्पेशल कोर्ट 31 अगस्त को सुनाएगा अंतिम फैसला
देश के बड़े राजनीतिक नरसंहारों में शामिल छत्तीसगढ़ में झीरम घाटी हमले के केस की एनआईए स्पेशल कोर्ट में बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई। 31 अगस्त को अदालत मामले में निर्णय सुनाएगी।

झीरम कांड : NIA स्पेशल कोर्ट 31 अगस्त को सुनाएगा निर्णय (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
एनआईए ने वर्ष 2015 में लगभग एक हजार पृष्ठ की चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी
झीरम घाटी में 2013 में हुए माओवादी हमले में कुल 32 लोगों ने गंवाई थी जान
जेएनएन, जगदलपुर। देश के बड़े राजनीतिक नरसंहारों में शामिल छत्तीसगढ़ में झीरम घाटी हमले के केस की एनआईए स्पेशल कोर्ट में बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई। 31 अगस्त को अदालत मामले में निर्णय सुनाएगी।
एनआईए ने वर्ष 2015 में लगभग एक हजार पृष्ठ की चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। 11 साल तक चली सुनवाई के बाद यहां जिला व सत्र न्यायालय स्थित एनआईए के स्पेशल कोर्ट में विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने अंतिम दौर की सुनवाई की।
बीते तीन दिनों में एनआईए की ओर से विशेष लोक अभियोजन दिनेश पाणिग्रही और बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद चौधरी दोनों ने लगभग 11 घंटे चली बहस में अपनी-अपनी दलीलें रखीं। बुधवार शाम बहस पूरी हो गई। 31 अगस्त की तिथि निर्णय सुनाने के लिए तय की गई है।
एनआईए ने इस केस में 11 लोगों को आरोपित बनाया था, जिनमें एक की मौत हो चुकी है। बाकी 10 सेंट्रल जेल जगदलपुर में बंद हैं। कोर्ट में बहस के दौरान तीनों दिन ये सभी आरोपित भी उपस्थित थे। लोक अभियोजन की ओर से केस में 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए हैं।
25 मई 2013 को सुकमा से केशलूर लौट रही कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर जगदलपुर से 42 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर दरभा की झीरम घाटी में माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया था।
इस घटना में मौके पर 27 लोगों की मौत हुई थी। 38 लोग घायल हुए थे। बाद में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 32 हो गया।
