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    'विजय टाल दें अपना 3 अगस्त वाला दौरा', कावेरी जल विवाद के बीच CM शिवकुमार की थलापति से अपील

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 04:09 PM (IST)

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से कावेरी जल विवाद के कारण राज्य में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए 3 अगस्त की बे ...और पढ़ें

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार,  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय 

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    डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शुक्रवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से अपील की कि वे बेंगलुरु की अपनी प्रस्तावित 3 अगस्त की यात्रा फिलहाल टाल दें। यह अपील राज्य में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए CM की ओर से की गई है।

    अपील कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के उस फैसले के बाद की गई जिसमें CWRC के निर्देश को बरकरार रखा गया। इस निर्देश के तहत कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 3500 क्यूसेक पानी छोड़ना है।

    CM डीके की थलापति से अपील 

    CM की यह अपील कर्नाटक भर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच आई है, खासकर मांड्या में, जहां प्रदर्शनकारियों ने विजय की हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म 'जन नायकन' के पोस्टर फाड़ दिए और कुछ जगहों पर सिनेमाघरों को फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने पर मजबूर कर दिया।

    शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने शुरू में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के साथ बातचीत की मेजबानी करने की तैयारी की थी, लेकिन कैबिनेट सहयोगियों और कानूनी टीम के साथ विचार-विमर्श के बाद बैठक को शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित करने के लिए इसे टालने का फैसला किया है।

    कुछ समय के लिए टाल दें यात्रा: डीके 

    मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, 'मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वे अपनी प्रस्तावित यात्रा को कुछ समय के लिए टाल दें। फिलहाल, माहौल बेहतर होने लगा है। अच्छी बारिश हो रही है और पानी का बहाव बढ़ रहा है। आइये हम अपनी बैठक अधिक अनुकूल और सौहार्दपूर्ण माहौल में करें।'

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    उन्होंने कहा कि वह पहले ही विजय से बात कर चुके हैं और उनसे फिर अनुरोध करेंगे कि वे 3 अगस्त के बजाय आपसी सहमति से कोई दूसरी तारीख तय करें।

    शिवकुमार ने कहा, 'जब भी कोई मेहमान हमारे राज्य में आता है, तो हमें गर्मजोशी और सौहार्द के साथ उनका स्वागत करना चाहिए। कर्नाटक ने हमेशा देश भर के लोगों का स्वागत किया है। हमें किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए।'

    शांतिप्रिय राज्य है कर्नाटक: CM शिवकुमार 

    मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कर्नाटक एक शांतिप्रिय राज्य है और शांति बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के कई लोग कर्नाटक में काम करते हैं और कई कन्नड़ भाषी लोग तमिलनाडु में काम करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित 66 TMC वाला जलाशय सिर्फ एक बैलेंसिंग रिजार्वोयर है और इसका इस्तेमाल कर्नाटक में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए नहीं किया जा सकता।

    प्रोजेक्ट से जुड़ी कानूनी स्थिति का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को निर्देश दिया था कि वह उस अंतिम फैसले का पालन करे जिसके तहत तमिलनाडु को 177.25 TMC पानी देना जरूरी है, साथ ही कोर्ट ने कर्नाटक के बैलेंसिंग रिजार्वोयर बनाने के अधिकार को भी मान्यता दी थी।

    उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से यह भी साफ हो गया है कि कर्नाटक को तमिलनाडु को 177.25 TMC पानी देना ही होगा। साथ ही, कोर्ट ने कर्नाटक को अपने इलाके में बैलेंसिंग रिजर्वोयर बनाने के अधिकार को भी मान्यता दी है।'

    उन्होंने उन खबरों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि अधिकारियों ने 'मेकेदातु प्रोजेक्ट' के लिए कर्नाटक के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

    शांतिपूर्ण समाधान तलाशेंगे दोनों राज्य

    शिवकुमार ने कहा, 'कुछ लोगों ने कल कहा था कि हमारा प्रस्ताव ठुकरा दिया गया है। यह सही नहीं है। इसे ठुकराया नहीं गया है। अधिकारियों ने बस कुछ स्पष्टीकरण मांगे हैं। हम सभी बातों का ध्यान से अध्ययन करेंगे, जरूरी स्पष्टीकरण देंगे और कानूनी दायरे में रहकर इस मामले को आगे बढ़ाएंगे।'

    यह कहते हुए कि कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों का फर्ज है कि वे अपने-अपने हितों की रक्षा करें, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य कानूनी रास्ते अपनाना जारी रखेगा और साथ ही बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान भी तलाशेगा।

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