'मेरे कपड़े उतारे, मुझे पीटा...' कर्नाटक में बीजेपी की महिला कार्यकर्ता से पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, क्या बोले कमिश्नर?
कर्नाटक में भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस पर गिरफ्तारी के दौरान कपड़े उतारने और मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा ...और पढ़ें

भाजपा कार्यकर्ता ने पुलिस पर कपड़े उतारने और मारपीट का आरोप लगाया
HighLights
भाजपा कार्यकर्ता ने पुलिस पर कपड़े उतारने और मारपीट का आरोप लगाया।
पुलिस ने आरोपों को खारिज कर महिला पर हमला करने का दावा किया।
मतदाता सूची संशोधन विवाद के कारण घटना हुई, वीडियो वायरल।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक में भाजपा की एक महिला कार्यकर्ता को गिरफ्तार करते समय पुलिस द्वारा उसके कपड़े उतारने के आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने महिला के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने खुद ही अपने कपड़े उतारे थे और पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया था, जिससे उन्हें काटने से चोटें आईं।
मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने घटना के लिए महिला को ही दोषी ठहराया, जबकि भाजपा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी पार्टी पदाधिकारी के कपड़े उतारे थे। बिना कपड़ों के उस महिला का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो गया है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
भाजपा कार्यकर्ता ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया
आईएएनएस के अनुसार, हुबली शहर के केशवपुर थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा भाजपा की महिला कार्यकर्ता के साथ कथित तौर पर मारपीट और उसके कपड़े उतारने की घटना मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआइआर) से जुड़े विवाद के कारण हुई है।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्षद द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर कार्रवाई करते समय पुलिस ने बर्बरता की। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक महेश तेंगिनाकयी ने इसे अमानवीय कृत्य बताया और कहा कि यह महिला समुदाय का अपमान है।
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उन्होंने इसमें शामिल सभी पुलिस अधिकारियों के निलंबन की मांग की और कहा कि वे भविष्य में दूसरों के लिए खतरा बन सकते हैं।
पुलिस ने आरोपों को किया खारिज
सूत्रों के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता सुजाता हांडी, जिन्हें विजयलक्ष्मी हांडी के नाम से भी जाना जाता है, के खिलाफ हुबली-धारवाड़ कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंतला ने केशवपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
इसमें आरोप लगाया था कि सुजाता ने SIR-बीएलओ के अधिकारियों को बुलाकर मतदाताओं के नाम हटवा दिए थे। यह भी आरोप है कि एसआइआर के दौरान सुजाता चुनाव अधिकारियों के साथ मौजूद थीं जिसके कारण कथित तौर पर विवाद उत्पन्न हो गया।
कांग्रेस पार्षदों और उनके समर्थकों ने एसआइआर के दौरान एक पुराने मामले का हवाला देकर हंगामा किया। इससे पहले भी इसी आरोप को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हो चुकी हैं।
आरोप है कि जब पुलिसकर्मी सुजाता को गिरफ्तार करने गए तो उनके साथ कथित तौर पर बर्बरता की गई। वीडियो में एक पुरुष पुलिस अधिकारी सुजाता का कंधा पकड़े हुए दिख रहा है, जबकि वह कथित तौर पर बिना कपड़ों के हैं।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)