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सरकारी शिक्षकों को RSS के पथ संचलन में शामिल होना पड़ा भारी, कर्नाटक सरकार ने 2 को किया सस्पेंड

Updated: Fri, 28 Aug 2026 10:11 AM (IST)

कर्नाटक के यादगीर में दो सरकारी शिक्षकों को आरएसएस के पथ संचलन में भाग लेने के आरोप में निलंबित कर ...और पढ़ें

RSS की रैली में  शामिल होने पर दो सरकारी शिक्षक निलंबित (फोटो- सोशल मीडिया)

RSS की रैली में शामिल होने पर दो सरकारी शिक्षक निलंबित (फोटो- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. यादगीर में दो सरकारी शिक्षक निलंबित किए गए।

  2. आरएसएस के पथ संचलन में शामिल होने का आरोप।

  3. कर्नाटक सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन माना गया।

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक के यादगीर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन (रैली) में भाग लेने के आरोप में शिक्षा विभाग ने दो सरकारी स्कूल के शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार, दोनों शिक्षकों पर कर्नाटक सिविल सर्विस नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है।

सस्पेंड किए गए शिक्षकों में यादगीर जिले के हुनसगी स्थित सरकारी बालिका उच्च विद्यालय में सहायक शिक्षक गुरुराज जोशी और सुरपुर तालुका के कुप्पी स्थित सरकारी निम्न प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर अन्ना साहेब देशमुख शामिल हैं।

दोनों शिक्षकों पर अलग-अलग जगह हुए RSS मार्च में शामिल होने का आरोप है। विभाग ने उनके इस कदम को कर्नाटक सिविल सेवा (आचरण) नियम, 2021 का उल्लंघन और कर्तव्य की अवहेलना मानते हुए विभागीय जांच लंबित रहने तक निलंबन की कार्रवाई की है।

शिक्षक गुरुराज जोशी पर क्या है आरोप?

मामले की कार्यवाही के मुताबिक, सहायक शिक्षक गुरुराज जोशी ने 12 अक्टूबर 2025 को विजयपुरा जिले के तालिकोटी में आयोजित आरएसएस के पथ संचलन में भाग लिया था। इस कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति की एक तस्वीर कन्नड़ समाचार पत्र 'विजया कर्नाटक' में प्रकाशित हुई थी।

इसके बाद, अंबेडकर स्वाभिमानी सेना की जिलाध्यक्ष जुमाना गुडीमणि ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की और शिकायत दर्ज कराई।

शिक्षा विभाग के अनुसार, जोशी को 13 मार्च 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अपने लिखित जवाब में जोशी ने तर्क दिया कि यह कार्यक्रम रविवार को स्कूल समय के बाद आयोजित हुआ था और यह कोई राजनीतिक आयोजन न होकर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम था। हालांकि, विभाग ने उनके इस तर्क को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि नियमों के तहत इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल, विभागीय जांच पूरी होने तक जोशी को 'कर्नाटक सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1957' के नियम 10(1) के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

हेडमास्टर अन्ना साहब देशमुख पर क्या है आरोप?

दूसरी ओर, हेडमास्टर अन्ना साहब देशमुख के मामले में विभाग की कार्यवाही के अनुसार, उन्होंने 10 अक्टूबर 2025 को हुनासागी में आयोजित आरएसएस के 'पथ संचलन' में भाग लिया था।

जिसके बाद अंबेडकर स्वाभिमानी सेना की जिलाध्यक्ष जुमाना गुडीमणि ने इस संबंध में ग्रामीण विकास, पंचायत राज एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री (और कलबुर्गी जिले के प्रभारी मंत्री) प्रियांक खर्गे से लिखित शिकायत कर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने देशमुख को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अपने लिखित स्पष्टीकरण में देशमुख ने भी गुरुराज जोशी की तरह ही तर्क दिया कि आरएसएस का यह कार्यक्रम स्कूल के कामकाजी घंटों के दौरान आयोजित नहीं हुआ था और यह राजनीतिक न होकर केवल एक सांस्कृतिक आयोजन था।

हालांकि विभाग ने इस तर्क को सिरे से खारिज करतेो हुए जांच लंबित रहने तक उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।