'भारत कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है', रिजिजू ने कहा- विदेशी फंडिंग पर नजर रखने के लिए FCRA जरूरी
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने FCRA बिल के खिलाफ विपक्ष के अभियान की आलोचना की, कहा भारत 'बनाना रिपब्लिक' नहीं और विदेशी फंड के लिए नियम जरूरी हैं।
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HighLights
किरेन रिजिजू ने FCRA बिल को विदेशी फंडिंग के लिए आवश्यक बताया।
विपक्ष ने FCRA बिल को अल्पसंख्यक-विरोधी कहकर आलोचना की।
रिजिजू ने कहा, भारत 'बनाना रिपब्लिक' नहीं, नियम अनिवार्य।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आज बुधवार, 12 अगस्त को सदन में बोलेते हुए विदेशी फंडिंग रेगुलेटरी बिल (FCRA) के खिलाफ विपक्ष के गुमराह करने वाले अभियान की कड़ी आलोचना की।
किरेन रिजिजू ने कहा, 'भारत कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है और विदेशी फंड खर्च करने के लिए नियम-कानून होने चाहिए।'
विपक्ष ने FCRA पर उठाए सवाल
NGOs को मिलने वाली विदेशी फंडिंग के रेगुलेशन में कमियों को दूर करने और धर्म-परिवर्तन को रोकने के मकसद से लाए गए इस प्रस्तावित कानून की विपक्ष आलोचना कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि यह अल्पसंख्यक-विरोधी विधेयक है।
विदेशी पूंजी के प्रवाह पर नजर रखने वाले इस FCRA बिल को लोकसभा ने JPC के पास भेज दिया। विपक्ष ने सवाल उठाया, 'RSS को आसानी से विदेशी चंदा कैसे मिल रहा है।'
रिजिजू ने दिया विपक्ष को जवाब
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा, 'FCRA संशोधन बिल का कोई भी प्रविधान अल्पसंख्यक संस्थानों को निशाना नहीं बनाता है। विपक्ष कुछ समुदायों को गुमराह करने के लिए अभियान चला रहा है।'
इससे पहले, सुबह सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद दोबारा शुरू होने पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में प्रस्ताव पेश किया।
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