यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आज उपराज्यपाल को मंत्रियों के नाम की सूची सौंपेगी 'आप'
दिल्ली चुनाव के नतीजों के बाद बनने वाली केजरीवाल सरकार में मंत्रिमंडल का फैसला हो गया है। आज पार्टी की ओर से मंत्रियों के नाम की लिस्ट उप राज्यपाल नजीब जंग को सौंपी जा सकती है। लिस्ट में शामिल सभी विधायक 14 फरवरी को अरविंद केजरीवाल के साथ रालमलीला मैदान

नई दिल्ली। दिल्ली चुनाव के नतीजों के बाद बनने वाली केजरीवाल सरकार में मंत्रिमंडल का फैसला हो गया है। आज पार्टी की ओर से मंत्रियों के नाम की लिस्ट उप राज्यपाल नजीब जंग को सौंपी जा सकती है। लिस्ट में शामिल सभी विधायक 14 फरवरी को अरविंद केजरीवाल के साथ रालमलीला मैदान में शपथ लेंगे।
सूत्रों की मानें तो नई सरकार में पुराने कुछ साथियों की छुट्टी की जा सकती है और नए चेहरों को मंत्री पद दिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल अनुभवी नेताओं को मंत्री बनाना चाहते हैं। इस बार आम आदमी पार्टी के जिन विधायकों को केजरीवाल कैबिनेट में जगह मिलनी तय है उनके नाम हैं - मनीष सिसौदिया, सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह, गोपाल राय, और आदर्श शास्त्री, वंदना कुमारी, एस के बग्गा, इमरार हुसैन। ऐसी भी खबरें है कि सोमनाथ भारती को स्पीकर बनाया जा सकता है।
मनीष सिसोदिया आम आदमी पार्टी के मजबूत चेहरों में से है। इसलिए उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद दिया जा सकता है। इस चुनाव में इन्होंने पटपडगंज से विनोद कुमार बिन्नी को हराया है। इसके बाद से जो भी चेहरे सामने आ रहे हैं वो सभी नये चेहरे हैं। किरण बेदी को हराने वाले एस के बग्गा को भी मंत्री पद दिये जाने की संभावना है।
बाबरपुर से जीतने वाले गोपाल राय को भी मंत्रिमंडल में जगह दिये जाने की खबर है। अल्पसंख्यक चेहरे को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए इमरार हुसैन का नाम सामने आ रहा है। महिला मंत्री वंदना कुमारी का नाम जिसने शालीमार बाग से जीत हासिल की है। आदर्श शास्त्री जो दिल्ली को वाई-फाई देने की घोषणा के साथ चुनाव मैदान में आये थे उन्हें भी मंत्री बनाये जाने की खबर है.
खबरों के मुताबिक इस बार के मंत्रिमंडल में गिरीश सोनी, राखी बिड़लान और सत्येंद्र जैन को जगह नहीं दिए जाने की बात कही जा रही है। केजरीवाल की पिछली सरकार में यह सभी मंत्री थे। लेकिन इस बार इनका पत्ता कट सकता है। बता दें कि अरविंद केजरीवाल 14 फरवरी को अपने कुछ मंत्रियों समेत दिल्ली के रामलीला मैदान में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।

