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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    LS Speaker: इलेक्ट्रॉनिक मशीन से नहीं… ऐसे होगा लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव, विपक्ष की इस मांग पर क्या बदलेगा लोकसभा का समीकरण?

    By Agency Edited By: Sonu Gupta
    Updated: Tue, 25 Jun 2024 06:04 PM (IST)

    लोकसभा स्पीकर तय करने को लेकर मतदान होने वाले हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव के दौरान मत विभाजन पर जोर ...और पढ़ें

    भर्तृहरि महताब नए संसद भवन में 18वीं लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में कम करते हुए। फोटोः एएनआई।
    भर्तृहरि महताब नए संसद भवन में 18वीं लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में कम करते हुए। फोटोः एएनआई।

    HighLights

    1. लोकसभा अध्यक्ष का नाम सदन द्वारा ध्वनिमत से स्वीकृत करने के बाद नहीं होगा मतदान
    2. एनडीए ने ओम बिरला को, जबकि इंडी गठबंधन ने कोडिकुन्निल सुरेश को बनाया उम्मीदवार

    पीटीआई, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के बाद अब एक बार फिर से राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई है। लोकसभा अध्यक्ष पद को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में आम सहमति नहीं बनने के कारण 26 जून को लोकसभा स्पीकर तय करने के लिए चुनाव होगा। वहीं, इस पद के लिए एनडीए ने ओम बिरला को, जबकि इंडी गठबंधन ने  कोडिकुन्निल सुरेश को मैदान में उतारा है।

    कैसे पड़ेंगे वोट?

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि अगर विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव के दौरान मत विभाजन पर जोर देता है तो वोट कागज की पर्चियों पर डाले जाएंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सदस्यों को अभी सीटें आवंटित नहीं की गयी हैं, जिसके कारण इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले प्रणाली का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।  

    पूर्व लोकसभा महासचिव ने क्या कहा?

    संविधान विशेषज्ञ और पूर्व लोकसभा महासचिव पीडीटी आचार्य के मुताबिक, जो प्रस्ताव पेश किए गए हैं, उन्हें प्राप्त होने वाले क्रम में एक-एक करके रखा जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो निर्णय विभाजन द्वारा किया जाएगा।  

    विपक्ष की इस मांग पर...

    उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा अध्यक्ष का नाम सदन द्वारा ध्वनिमत से स्वीकृत हो जाता है तो पीठासीन अधिकारी इस बात की घोषणा करेंगे की किस सदस्य को  सदन का अध्यक्ष चुना गया है। ध्वनि मत से चुनाव हो जाने के बाद प्रस्ताव पर मतदान नहीं कराया जाएगा। हालांकि, अगर विपक्ष सदन में मत-विभाजन की मांग करता है तो इसको लेकर चुनाव कराए जाएंगे और इस स्थिति में  सदन के कर्मचारी सांसदों को पर्चियां देंगे और फिर मतदान कराए जाएंगे।

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    कागज की पर्चियों का होगा इस्तेमाल

    उन्होंने आगे कहा कि 18वीं लोकसभा के सदस्यों को अभी सीटें आवंटित नहीं की गई हैं, जिसके कारण मतदान में इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले सिस्टम का उपयोग नहीं किया जाएगा। हालांकि, चुनाव के दौरान कागज की पर्चियों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके कारण नतीजे आने में समय लग सकते हैं।

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