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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लोकसभा उपाध्यक्ष चुने गए थंबीदुरई, सदन ने दी बधाई

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Updated: Wed, 13 Aug 2014 12:43 PM (IST)

अन्नाद्रमुक सांसद एम. थंबीदुरई बुधवार को निर्विरोध लोकसभा उपाध्यक्ष चुन लिए जाएंगे। मंगलवार को इस पद के लिए अकेले उन्होंने ही नामांकन भरा और कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस, बीजद समेत कई अन्य दलों ने समर्थन किया।

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नई दिल्ली (जागरण ब्यूरो)। अन्नाद्रमुक सांसद एम. थंबीदुरई को निर्विरोध लोकसभा उपाध्यक्ष चुन लिया गया है। इस पद के लिए अकेले नामांकन भरने की वजह से उन्हें निर्विरोध चुना गया है। लोकसभा उपाध्यक्ष बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम सांसदों ने उन्हें बधाई दी।

विपक्ष में कांग्रेस के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी अन्नाद्रमुक के साथ भाजपा भी अच्छे रिश्ते रखना चाहती है। यही कारण है कि एक तरफ जहां कांग्रेस को नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं मिला है, वहीं शुरुआत में इसका संकेत दे दिया गया था कि थंबीदुरई को लोकसभा उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है और हुआ भी वैसा ही। बुधवार को उन्हें पूरे सदन की ओर से निर्विरोध चुन लिया गया। लोकसभा का उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी थंबीदुरई के चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि वे एक ईमानदार व्यक्ति हैं और इससे पहले भी ये पद संभाल चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमें अभी पांच साल तक साथ-साथ चलना है।

इससे पहले मंगलवार को भाजपा की तरफ से भी थंबीदुरई के लिए दो सेट नामांकन भरा गया था। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ सांसद डा मुरली मनोहर जोशी प्रस्तावक थे तो विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और लालकृष्ण आडवाणी समर्थक। भाजपा के अलावा कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सपा के मुलायम सिंह यादव, लोजपा के राम विलास पासवान जैसे कई नेताओं ने थंबीदुरई के नाम का प्रस्ताव किया था। गौरतलब है कि पांच बार चुन कर संसद पहुंचे थंबीदुरई 1985 में लोकसभा उपाध्यक्ष रह चुके हैं। अन्नाद्रमुक नेता जयललिता के विश्वस्त माने जाने वाले थंबीदुरई को मंत्रिमंडल में रहने का भी अनुभव रहा है।

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