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CBI ने महादेव एप के मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर को ओमान से किया प्रत्यर्पित, सोमवार को कोर्ट में होगी पेशी

Published: Sun, 01 Nov 2026 07:45 PM (IST)Updated: Sun, 01 Nov 2026 09:17 PM (IST)

महादेव ऐप सट्टेबाजी सिंडिकेट का मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत प्रत्यर्पित कर लिया गया है। सीबीआई ने उसे ...और पढ़ें

मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया

मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर ओमान से भारत लाया गया

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नीलू रंजन, नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बुक के नाम से सट्टा एप चलाने वाले मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाने में बड़ी सफलता मिली है। चंद्रकार सट्टा एप से माध्यम से 94 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाने का आरोप है।

भारत आते ही सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और सोमवार को उसे रायपुर ले जाकर विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। चंद्राकर के वापस आने से महादेव सट्टा एप से जुड़े आरोपियों और उन्हें संरक्षण देने वाले राजनेताओं पर बड़ा खुलासा हो सकता है। एप के संचालकों से सरकारी संरक्षण देने के एवज में 508 करोड़ रुपये लेने के आरोप में घिरे हैं। ईडी और सीबीआइ दोनों इस मामले की जांच कर रही हैं।

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि परिवार और सहयोगियों के साथ 2022 में भिलाई से भागने के बाद सुभाष चंद्राकर दुबई में रह रहा था और वहीं महादेव सट्टा एप का हेडक्वार्टर बना रखा था। 2023 में जांच शुरू होने और एजेंसियों का दबाव बनने के बाद वह ओमान भाग गया और वहां वानुअतु का नागरिक बताने लगा। लेकिन भारतीय अदालत के गिरफ्तारी वारंट, इंटरपोल की रेड कार्नर नोटिस के सहारे भारतीय एजेंसियां उसे भारत का नागरिक साबित करने में सफल रही।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सारे सबूतों को देखने के बाद ओमान ने उसके प्रत्यर्पण का फैसला किया। सौरभ चंद्राकर के साथ 2019 में महादेव सट्टा एप शुरू करने वाला सह-प्रमोटर रवि उप्पल फिलहाल दुबई में है और उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

रवि उप्पल के साथ ही चंद्राकर का सहयोगी अनिल अग्रवाल उर्फ अतुल अग्रवाल और पूरे कारोबार का वित्तीय लेन-देन संभालने वाले शुभम सोनी भी दुबई में है और उसके भी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है।

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सुभम सोनी ने 2023 में एक ईमेल भेजकर महादेव सट्टा एप चलाने के लिए अधिकारियों और राजनीतिज्ञों को करोड़ों रुपये की संरक्षण मनी देने का दावा किया था। उसी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये महादेव सट्टा एप के प्रमोटरों द्वारा दिये जाने का खुलासा किया था, जिसकी जांच अभी तक जारी है।

2023 में रायपुर में 5.39 करोड़ रुपये नकद के साथ गिरफ्तार असीम दास ने भी अपने बयान में सुभम सोनी के निर्देश पर भूपेश बघेल तक पहुंचाने की बात कही थी। इस मामले में कई अधिकारियों को गिरफ्तार भी किया गया है।

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