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इफ्तार से लंगर और शादी के खाने तक: महाराष्ट्र में अब किसी भी सामूहिक भोज के लिए लेनी होगी FDA की मंजूरी

Published: Fri, 04 Sep 2026 07:46 PM (IST)

महाराष्ट्र एफडीए ने बड़े धार्मिक और सामाजिक आयोजनों जैसे दावत, भंडारे आदि के लिए अब आधिकारिक अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है।

एआई द्वारा बनाई गई सांकेतिक तस्वीर।

एआई द्वारा बनाई गई सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. सामूहिक भोज, शादी, इफ्तार के लिए एफडीए की अनुमति अनिवार्य।

  2. केवल लाइसेंस प्राप्त कैटरर्स ही भोजन वितरण कर सकेंगे।

  3. सार्वजनिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर होने वाले धार्मिक और सामाजिक आयोजनों को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है।

इसके तहत अब राज्य में किसी भी तरह के बड़े सामूहिक भोज, शादी की दावत, इफ्तार पार्टी, भंडारे, लंगर या महाप्रसाद के आयोजन से पहले आधिकारिक अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

सामूहिक भोज के लिए लेनी होगी अनुमति

महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे की तरफ से जारी किए गए नए आदेश के मुताबिक, अब इस तरह के किसी भी बड़े सार्वजनिक आयोजन से पहले आयोजकों को एफडीए से अनुमति लेनी होगी।

इसके लिए आयोजकों को एक तय प्रपत्र भरकर देना होगा, जिसमें भोज से जुड़ी पूरी जानकारी जैसे- कैटरर्स का विवरण, इस्तेमाल होने वाली सामग्री और कच्चे माल की पूरी डिटेल देनी होगी।

अब लाइसेंस प्राप्त कैटरर्स ही बांट सकेंगे खाना

महाराष्ट्र FDA की तरफ से जारी इस आदेश के तहत अब खाने-पीने की चीजों का वितरण केवल उन्हीं कैटरर्स के जरिए किया जा सकेगा जिनके पास एफडीए का वैध लाइसेंस होगा। इसके अलावा बिना लाइसेंस वाले कैटरर्स या खाना पकाने वाले इस काम में शामिल नहीं हो सकेंगे।

क्यों बनाए गए ऐसे नियम?

इस नियम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक आयोजनों में लोगों को मिलने वाला भोजन पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ हो, जिससे फूड पॉइजनिंग या किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी अनहोनी से बचा जा सके।

अब समझिए क्यों पड़ी इस नियम की जरूरत?

गौरतलब है कि अक्सर बड़े सार्वजनिक आयोजनों, भंडारों या शादियों में भारी मात्रा में खाना बनता है, लेकिन कई बार साफ-सफाई और गुणवत्ता की अनदेखी के कारण लोगों की सेहत से खिलवाड़ होता है।

ऐसे में इस तरह के आयोजनों में पारदर्शिता लाने और नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए ही एफडीए ने यह कदम उठाया है, ताकि हर खाने की थाली सुरक्षित और स्वास्थ्य के मानक पर खरी उतरे।