यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Manipur Crisis: मणिपुर विधानसभा समितियों की अध्यक्षता से हटाए गए राज्य के 3 विधायक, कुकी समुदाय से रखते है संबंध
कुकी (Kuki) समुदाय के तीन विधायकों को मणिपुर (Manipur Assembly committees) विधानसभा समितियों की अध्यक्षता से हटा दिया गया है।अधिसूचना में प्रतिस्थापन ...और पढ़ें

पीटीआई, इंफाल। Manipur Crisis: मणिपुर के तीन विधायकों को मणिपुर विधानसभा की विभिन्न समितियों की अध्यक्षता से हटा दिया गया है। ये तीनों कुकी समुदाय से आते है। ये तीनों विधायक- मायांगलमबम रमेश्वर, लोसी दिखो और इबोमचा है।
विधानसभा के एक बुलेटिन में कहा गया है कि मायांगलमबम रमेश्वर को अध्यक्ष ने सार्वजनिक उपक्रम समिति के पिछले अध्यक्ष के स्थान पर अध्यक्ष नियुक्त किया है। मायांगलमबम काकचिंग विधानसभा क्षेत्र से नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के विधायक हैं। यह पद पहले एलएम खौटे के पास था, जो चुराचांदपुर सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।
हिंसा के बीच भाजपा विधायक को आई थी चोटें
वहीं, माओ निर्वाचन क्षेत्र के नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के विधायक लोसी दिखो को सरकारी आश्वासनों पर समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। यह पद पहले सैतू निर्वाचन क्षेत्र के निर्दलीय विधायक हाओखोलेट किपगेन के पास था।
लमलाई से भाजपा विधायक के इबोमचा को वुंगजागिन वाल्टे के स्थान पर विधानसभा पुस्तकालय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। बता दें कि मणिपुर में मेइतीस और कुकिस के बीच जातीय हिंसा की शुरुआत के दौरान भीड़ द्वारा हमला किए जाने के बाद वाल्टे को गंभीर चोटें आईं थीं। नियुक्तियों से संबंधित बुलेटिन बुधवार को जारी किए गए।
अध्यक्षता से क्यों हटाया गया
हालांकि, अधिसूचना में प्रतिस्थापन के लिए कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन विधानसभा के नियम 198 (2) के अनुसार, 'अगर अध्यक्ष किसी कारण से कार्य करने में असमर्थ है, तो अध्यक्ष उसके स्थान पर किसी अन्य अध्यक्ष को नियुक्त कर सकता है।'

