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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Manipur Violence: हिंसा के बाद मणिपुर में शांति बहाल करने की कोशिश, भारतीय सेना ने शुरू किया अभियान

By AgencyEdited By: Mohd Faisal
Updated: Sat, 03 Jun 2023 04:05 PM (IST)

Manipur Violence News मणिपुर में शांति और सद्भाव लाने के लिए सेना असम राइफल्स CAPF और पुलिस द्वारा व्यापक क्षेत्र वर्चस्व अभियान आज से शुरू हो गया है। भारतीय सेना के स्पीयर कॉर्प्स ने इसकी जानकारी दी है।

Manipur Violence: हिंसा के बाद मणिपुर में शांति बहाल करने की कोशिश (फोटो इंडियन आर्मी)
Manipur Violence: हिंसा के बाद मणिपुर में शांति बहाल करने की कोशिश (फोटो इंडियन आर्मी)

इंफाल, एजेंसी। मणिपुर में बीते दिनों हुई हिंसा के बाद राज्य में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। हालांकि, अब सरकार और सेना के प्रयासों के बाद जीवन पटरी पर लौटने लगा है।

मणिपुर में शांति और सद्भाव के लिए सेना का अभियान शुरू

मणिपुर में शांति और सद्भाव लाने के लिए सेना, असम राइफल्स, CAPF और पुलिस द्वारा व्यापक क्षेत्र वर्चस्व अभियान आज से शुरू हुआ है। भारतीय सेना के स्पीयर कॉर्प्स ने इसकी जानकारी दी है।

मणिपुर हिंसा की होगी न्यायिक और सीबीआई जांच

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में महीने भर से चली आ रही जातीय हिंसा की न्यायिक जांच हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश और 6 विशिष्ट मामलों की सीबीआई जांच कराने का ऐलान किया था।

गृह मंत्री अमित शाह ने हिंसाग्रस्त मणिपुर के चार दिवसीय दौरे के बाद कहा था कि राज्यपाल अनुसुइया उइके की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय शांति समिति का गठन किया जाएगा और समिति में सभी वर्गों और समुदायों के लोगों को शामिल किया जाएगा।

140 हथियार किए सरेंडर

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अपील के बाद पुलिस और विभिन्न सुरक्षा बलों से लूटे गए 140 हथियारों को मणिपुर के अलग-अलग जिलों में सरेंडर कर दिया है। अमित शाह ने गुरुवार को हिंसा प्रभावित मणिपुर के अपने चार दिवसीय दौरे के अंतिम दिन सभी संबंधितों से अनुरोध किया कि वे अपने हथियार सुरक्षा बलों और प्रशासन को सौंप दें, अन्यथा हथियार रखने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मणिपुर हिंसा में मारे गए 80 लोग

उल्लेखनीय है कि मणिपुर में 3 मई को जातीय हिंसा भड़की थी, जिसमें कम से कम 80 लोग मारे गए थे और 300 से अधिक घायल हो गए थे। इसके अलावा लगभग कई हजार घरों, बड़ी संख्या में सरकारी और निजी संपत्तियां और वाहनों को आग लगा दी गई थी।