यमन और सोमालिया के पास समुद्री लुटेरों ने 2 जहाजों को किया हाईजैक, 22 भारतीय थे सवार
समुद्री लुटेरों ने यमन और सोमालिया तट के पास दो वाणिज्यिक जहाजों को हाईजैक कर लिया है, जिन पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है।
HighLights
समुद्री लुटेरों ने यमन-सोमालिया तट पर दो जहाज हाईजैक किए।
दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार थे।
विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीयों के सुरक्षित होने की पुष्टि की।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में समुद्री लुटेरों ने एक बार फिर बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। इसके तहत यमन और सोमालिया के तट के पास दो अलग-अलग घटनाओं में समुद्री लुटेरों ने दो कमर्शियल जहाजों को हाईजैक कर लिया।
इन दोनों जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक समेत 30 क्रू सदस्य सवार थे। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हाईजैक किए गए दोनों जहाज विदेशी झंडे वाले हैं।
दोनों जहाज पर सवार थे 22 भारतीय नागरिक
शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल ने साफ किया कि पहले जहाज (MT Sibu 1) पर 16 भारतीय नागरिक सवार हैं। वहीं दूसरे जहाज (M/V Lutuf) पर 6 भारतीय नागरिक सवार हैं।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक अब तक मिली जानकारी के अनुसार हाईजैक किए गए इन दोनों जहाजों पर मौजूद सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। ब्रीफिंग में जायसवाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों जहाजों पर सवार 22 भारतीयों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।
पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रणधीर जायसवाल ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग परिसर में तोड़फोड़ को लेकर भी भारत सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग के परिसर में कुछ ढांचों को जबरन हटा दिया गया था, जबकि भारत ने ऐसा न करने का अनुरोध किया था।
जायसवाल ने बताया कि पाकिस्तान की इस हरकत के बाद भारत ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबी कार्रवाई की है। इसके तहत दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर सड़क की लेन में बनी कुछ अस्थायी संरचनाओं को हटा दिया गया है।
समझिए क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि भारत के बार-बार मना करने के बावजूद पाकिस्तान ने अपने यहां स्थित भारतीय उच्चायोग की कुछ संरचनाओं को हटा दिया था। इस अनुचित कदम के जवाब में भारत ने कूटनीतिक दायरे में रहते हुए दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर बने अतिक्रमण या अस्थायी निर्माण पर यह कार्रवाई की है।
