'कन्फ्यूजन आपको है, हमें नहीं...'; अमित शाह के क्लिप को लेकर राहुल गांधी पर प्रल्हाद जोशी का पलटवार
राहुल गांधी द्वारा अमित शाह के मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर दिए बयान के संपादित क्लिप साझा ...और पढ़ें

राहुल गांधी ने शेयर की अमित शाह की वीडियो। (फाइल फोटो।)
HighLights
राहुल गांधी ने अमित शाह के SIR क्लिप साझा किए।
प्रल्हाद जोशी ने वीडियो को संपादित बताया, आरोप लगाए।
जोशी ने राहुल को संसद में बहस के लिए चुनौती दी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीते कुछ दिनों से बहस करने की चुनौती दे रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साथ ही भाजपा से लगातार सवाल पूछ रहे हैं।
कांग्रेस सांसद ने एक्स अकाउंट पर पिन की गई अपनी हालिया पोस्ट में गृह मंत्री अमित शाह के दो छोटे क्लिप शेयर किए हैं। एक पिछले साल का और दूसरा गुरुवार का। पिछले साल 5 दिसंबर की क्लिप में अमित शाह कहते हुए नजर आते हैं, "मेरा दृढ़ मत है कि इस सदन में एसआईआर पर चर्चा नहीं की जा सकती। अगर इस पर चर्चा होती है और कुछ सवाल उठाए जाते हैं तो उनके जवाब कौन देगा?"
'मैं उलझन में पड़ गया हूं'
वहीं, गुरुवार के क्लिप में,अमित शाह कहते हैं, "आप मोदी को चर्चा की चुनौती देते हैं तो राहुल जी मोदी जी की कोई जरूरत नहीं है हम एसआईआर पर चर्चा के लिए सदन का विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं।" इस पर राहुल गांधी ने कहा, 'मैं उलझन में पड़ गया हूं।'
प्रल्हाद जोशी ने राहुल गांधी पर लगाया आरोप
पार्टी का बचाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी पर अमित शाह का कांट-छांट किया गया और संदर्भ से हटकर वीडियो फैलाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा, "गृह मंत्री अमित शाह का काटा गया और संदर्भ से हटकर दिखाया गया वीडियो केवल एक ही बात दर्शाता है राहुल गांधी ने एसआईआर के विषय पर बिल्कुल भी होमवर्क नहीं किया है।" वहीं, पिछले साल दिसंबर में अमित शाह ने एसआईआर के बारे में जो कहा था, वह कांग्रेस नेता की पोस्ट से मेल खाता हुआ लगता है।
गृह मंत्री ने संसद में कहा, "मेरा दृढ़ मत है कि इस सदन में एसआईआर पर चर्चा नहीं की जा सकती, क्योंकि एसआईआर का काम भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त सरकार के अधीन काम नहीं करते हैं। अगर इस पर चर्चा होती और कुछ सवाल उठाए जाते तो उनके जवाब कौन देता? जब उन्होंने कहा कि वे चुनावी सुधारों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं तो हम तुरंत सहमत हो गए और आज वास्तव में चर्चा चुनावी सुधारों पर ही केंद्रित है।" ऐसा लगता है कि उन्होंने चुनावी सुधारों पर चर्चा और एसआईआर के बीच एक स्पष्ट अंतर रखा है।
'चुनाव हारने पर प्रक्रिया पर उठाते हैं सवाल'
हालांकि, जोशी का मानना है कि राहुल गांधी द्वारा एक्स पर पोस्ट की गई क्लिप के साथ छेड़छाड़ की गई है। वहीं, इस नवंबर में गृह मंत्री ने संकेत दिया है कि सरकार एसआईआर पर चर्चा करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।
मंत्री ने कांग्रेस नेता को याद दिलाया कि वे लगातार तीन लोकसभा चुनाव 2014, 2019 और 2024 हार गए थे, जबकि उस समय कोई एसआईआर नहीं कराया गया था। उन्होंने कहा, "राहुल जी, उलझन साफ तौर पर आपकी है हमारी नहीं! जब आप चुनाव जीतते हैं तो चुनावी प्रक्रिया आपको सही लगती है लेकिन जब आप हार जाते हैं तो अचानक उसी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगते हैं। क्या लोकतंत्र के बारे में आपकी यही समझ है? आप 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव तब भी हार गए थे, जब कोई एसआईआर नहीं कराया गया था। क्या आप उन हार की जिम्मेदारी लेंगे या किसी और चीज को दोष देंगे?"
उन्होंने गांधी पर राजनीतिक नौटंकी करने का आरोप लगाया और उनसे संसद में आकर तथ्यों के साथ बहस करने को कहा। जोशी ने कहा, "और अब जब गृह मंत्री अमित शाह ने आपको संसद में एसआईआर पर चर्चा करने की खुली चुनौती दी है और एक विशेष सत्र का प्रस्ताव भी रखा है तो फिर हिचकिचाहट कैसी? राहुल जी, अब बहुत हुआ यह राजनीतिक नाटक। अपनी दलीलें संसद में लाएं और तथ्यों के साथ बहस करें।"
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