यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मोदी ने माना, दिल्ली का शासन चलाना आसान नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि दिल्ली में शासन चलाना आसान काम नहीं है। ऐसे में गुजरात का अनुभव उनके काम आया। इसके साथ ही, ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि दिल्ली में शासन चलाना आसान काम नहीं है। ऐसे में गुजरात का अनुभव उनके काम आया। इसके साथ ही, अपने विरोधियों को जवाब भी दिया और कहा कि उनका काम समझने में उनको वक्त लगेगा। मोदी ने कहा कि वे इसे पिछले 13 साल में गुजरात में नहीं समझ पाए। लेकिन, मैंने यह मंत्र अपनाया है-सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय। और मैं आश्वस्त हूं कि यह काम करेगा।
देश की बागडोर संभालने के बाद मंगलवार को पहली बार गुजरात आए मोदी का त्रिमंदिर में सार्वजनिक सम्मान किया गया। भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर अमित शाह का भी जोरदार स्वागत हुआ। हालांकि, स्वागत समारोह में उपचुनाव के नतीजों का असर साफ नजर आया।
अपने सम्मान समारोह में मोदी ने कहा कि गुजरात की तरह वे देश का भी विकास करेंगे। वे देश की समस्याओं व जरूरतों को समझ रहे हैं। तेजी से विकास करेंगे तथा किसी भी इलाके को पिछड़ा नहीं रहने देंगे। मोदी ने अपने सम्मान पर कहा कि जिनके साथ स्कूटर पर बैठकर संगठन का काम किया, उनके हाथों सम्मानित होने का अनुभव अद्भुत है।
प्रधानमंत्री मोदी दोपहर करीब तीन बजे एयर इंडिया के विशेष विमान से सरदार पटेल हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां हजारों कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल, मंत्रिमंडल के सदस्यों समेत हजारों कार्यकर्ताओं ने मोदी की अगवानी की।
मोदी का जन्मदिन आज, मां का आशीर्वाद लेने जाएंगे: प्रधानमंत्री मोदी बुधवार सुबह अपने जन्म दिन पर मां हीराबा का आशीर्वाद लेने जाएंगे।
हीराबा अपने छोटे बेटे पंकज मोदी के साथ गांधीनगर में ही रहती हैं। हीराबा यहां मोदी का अपने हाथ से बनी मिठाई से मुंह मीठा कराएंगी।

