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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आखिरी वक्त तक परदे में मोदी सरकार

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Updated: Mon, 26 May 2014 02:05 AM (IST)

नरेंद्र मोदी सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी पूरी हो चुकी है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपनी सरकार के स्वरूप पर पत्ते नहीं खोले हैं। रविवार रात 10 बजे तक मंत ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। नरेंद्र मोदी सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी पूरी हो चुकी है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपनी सरकार के स्वरूप पर पत्ते नहीं खोले हैं। रविवार रात 10 बजे तक मंत्री पद के लिए लोगों के पास फोन नहीं गए थे। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत पार्टी के बड़े नामों का सरकार में शामिल होना जरूर तय हो गया है। लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी समेत 75 वर्ष से ज्यादा उम्र के नेताओं को मोदी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलेगी। यह भी स्पष्ट हो गया है कि राजग के सहयोगी दलों को भी मनमाने मंत्री पद और मंत्रालय नहीं मिल रहे हैं। मनमोहन सिंह के मुकाबले मोदी का मंत्रिमंडल काफी छोटा होगा।

सूत्रों के मुताबिक राजनाथ सिंह मोदी सरकार में नंबर दो की स्थिति में हो सकते हैं। उनके अलावा अरुण जेटली, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज और वेंकैया नायडू को अहम मंत्रालय मिलेंगे। सहयोगी दलों में तेलुगु देसम पार्टी और शिवसेना के कोटे में तीन-तीन स्थान आ रहे हैं। दोनों दलों से एक कैबिनेट व दो राज्य मंत्री होंगे। वैसे शिवसेना दो कैबिनेट मंत्रियों के लिए दबाव बनाए हुए है। बिहार में राम विलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा जैसे सहयोगियों को भी एक-एक सीट ही मिलेगी। उम्मीद है कि पासवान को कैबिनेट मंत्री और कुशवाहा को राज्य मंत्री बनाया जा सकता है।

मंत्रिमंडल को सीमित आकार देने के लिए एक कैबिनेट मंत्री को समान क्षेत्रों वाले कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। मनमोहन कैबिनेट में जहां मंत्रियों की संख्या 75 के करीब थी, वहीं मोदी मंत्रिमंडल 35 से 40 सदस्यीय ही होगा। देर रात गुजरात भवन स्थित मनोनीत प्रधानमंत्री के सचिवालय ने भी इसकी पुष्टि कर दी। सूत्रों के अनुसार मोदी मंत्रिमंडल में करीब डेढ़ दर्जन कैबिनेट और 20 राज्य मंत्री होंगे।

सबसे ज्यादा मंत्री उत्तर प्रदेश से होंगे। सूबे से कम से कम सात मंत्रियों को मोदी अपनी सरकार में जगह देंगे। राजनाथ के अलावा संतोष गंगवार और कलराज मिश्र का नाम तय माना जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सत्यपाल सिंह या किसी अन्य जाट नेता को प्रतिनिधित्व मिलेगा जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश से पिछड़े वर्ग से दो लोगों को मोदी मंत्री बनाएंगे। अपना दल की अनुप्रिया पटेल का मंत्री बनना तय है।

उत्तर प्रदेश के बाद मोदी सरकार में महाराष्ट्र से अच्छी हिस्सेदारी होगी। नितिन गडकरी का नाम तय है, लेकिन गोपीनाथ मुंडे पर तस्वीर साफ नहीं है क्योंकि महाराष्ट्र में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं और वह राज्य में पार्टी का चेहरा हो सकते हैं। राज्य से एक कैबिनेट मंत्री शिवसेना का रहेगा। इसके अलावा तीन या चार राज्य मंत्री भी हो सकते हैं। उन छोटे राज्यों से भी एक-एक मंत्री बनाया जाएगा जहां पार्टी सभी सीटें जीतने में कामयाब रही। उत्तराखंड और हिमाचल का भी मोदी सरकार में प्रतिनिधित्व होगा। झारखंड व हरियाणा से भी एक-एक कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।

मंत्री पद की शपथ के लिए देर रात तक न तो नेताओं के पास फोन पहुंचा था और न ही राष्ट्रपति भवन को सूची मिली, लिहाजा सभी नेताओं में खासी बेचैनी और छटपटाहट रही। मोदी के स्वभाव को जानने वाले मान रहे हैं कि सोमवार सुबह ही सभी को सूचना भेजी जा सकती है।

किसे मिल सकता है कौन मंत्रालय

राजनाथ सिंह को गृह, अरुण जेटली को वित्त, सुषमा स्वराज को रक्षा, वेंकैया नायडू को कृषि, रविशंकर प्रसाद को कानून, पीयूष गोयल को वाणिज्य मंत्रालय का जिम्मा सौंपा जा सकता है। चर्चा है कि परिवहन मंत्रालय में रेलवे, भूतल परिवहन, जहाजरानी और नागरिक उड्यन मंत्रालयों को समाहित कर दिया जाएगा और इसकी कमान नितिन गडकरी को दी जाएगी। मोदी की करीबी स्मृति ईरानी को सूचना प्रसारण राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार बनाया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि नरेंद्र मोदी विदेश मंत्रालय अपने पास रख सकते हैं।

जोशी स्पीकर की दौड़ में

लालकृष्ण आडवाणी मार्गदर्शक की भूमिका में हो सकते हैं, जबकि मुरली मनोहर जोशी सरकार में तो नहीं होंगे, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष की दौड़ में उनका नाम शामिल है।

मेहमानों का आगमन शुरू

नई दिल्ली। मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित दक्षिण एशियाई नेताओं का आगमन शुरू हो गया है। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और बांग्लादेश संसद की स्पीकर डॉ शिरीन शरमिन चौधरी रविवार को भारत पहुंच गए। शपथ समारोह के लिए दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन [सार्क] के सात सदस्य देशों और मॉरीशस के शासनाध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सोमवार सुबह पौने ग्यारह बजे यहां पहुंचेंगे। श्रीलंका के राष्ट्रपति सुबह 10 बजे, नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला 11 और अफगानस्तिान के राष्ट्रपति हामिद करजई का सुबह 11:30 पर नई दिल्ली के पालम स्थित वायुसेना स्टेशन पर आगमन होगा।

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