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मानसून सत्र: संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए खुद आगे आए अमित शाह

Updated: Wed, 12 Aug 2026 11:00 PM (IST)

अमित शाह ने मानसून सत्र में गतिरोध खत्म करने के लिए जंतर-मंतर प्रदर्शन पर चर्चा का प्रस्ताव रखा, लेकिन राहुल गांधी ने उनका इस्तीफा मांग लिया।

गतिरोध खत्म करने के लिए खुद आगे आए अमित शाह।

गतिरोध खत्म करने के लिए खुद आगे आए अमित शाह।

HighLights

  1. अमित शाह ने मानसून सत्र गतिरोध खत्म करने का प्रयास किया।

  2. उन्होंने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर चर्चा का प्रस्ताव रखा।

  3. राहुल गांधी ने पुलिस ज्यादती पर शाह का इस्तीफा मांगा।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पहले दिन से ही गतिरोध की भेंट चढ़े मानसून सत्र के आखिरी समय में खुद गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह इस गतिरोध को खत्म करने के लिए आगे आए। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और पुलिस ज्यादती के आरोपों पर चर्चा के लिए खुद पूरे समय सदन में बैठने और सभी सवालों का जवाब देने का प्रस्ताव रखा।

इसके लिए उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा। लेकिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी टस से मस नहीं हुए। अभी तक शाह के जवाब की मांग कर रहे नेता प्रतिपक्ष ने अब सीधे गृह मंत्री शाह के इस्तीफे की ही मांग कर दी। ऐसे में गुरुवार को मानसून सत्र के आखिरी दिन भी गतिरोध टूटने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।

गतिरोध को समाप्त करने के लिए हर संभव कोशिश

दरअसल, पिछले चार-पांच दिनों से सरकार की ओर से संसद में चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए हर संभव कोशिश की गई। गुरुवार और शुक्रवार को राहुल गांधी के साथ संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बातचीत की।

इसके बाद रिजिजू ने सोमवार को जंतर-मंतर प्रदर्शन और पुलिस ज्यादती पर चर्चा के लिए अमित शाह के बोलने की घोषणा की और विपक्ष से संसद चलाने की गुजारिश की। मंगलवार को ओम बिरला ने भी विपक्ष से भावुक अपील की। गतिरोध नहीं टूटता देख बुधवार को शाह खुद आगे आए।

उन्होंने मीडिया के जरिये सार्वजनिक अपील करते हुए बुधवार को दोपहर बाद तीन बजे से लेकर गुरुवार को दोपहर तीन बजे तक जंतर-मंतर प्रदर्शन और पुलिस ज्यादती पर विस्तृत चर्चा के लिए विपक्ष को आने को कहा। उन्होंने कहा कि वह पूरे समय बैठेंगे, हर किसी को सुनेंगे और सबका जवाब देंगे।

अमित शाह ने गतिरोध तोड़ने की अपील की

सार्वजनिक अपील के साथ ही शाह ने ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद के नियम और प्रक्रिया के तहत भी गतिरोध तोड़ने की अपील की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के वर्तमान सत्र में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष के किसी भी सांसद ने नीट परीक्षा के संबंध में सदन में विचार व्यक्त नहीं किए थे। इसके बावजूद, सरकार पुनः इस विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है।

शाह ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि वे विपक्ष के साथ आपसी सहमति बनाकर चर्चा के लिए उचित समय आवंटित करें। गृह मंत्री ने लोकतंत्र में संवाद के महत्व पर जोर देते हुए लिखा कि चर्चा और संवाद से ही समाधान निकलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से एक अच्छे वातावरण में पक्ष-विपक्ष के सभी सदस्य अपने अमूल्य विचार प्रस्तुत कर सकेंगे।

राहुल गांधी ने अमित शाह का इस्तीफा मांगा

हालांकि, शाह की कोशिशें बेनतीजा रही और राहुल गांधी ने उनके इस्तीफे की मांग कर दी। राहुल ने साफ कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में पुलिस ज्यादती के मामले में शाह को इस्तीफा देना ही होगा। यदि शाह के आदेश पर छात्रों पर पुलिस ने गोली चलाई, तो वह सीधे तौर पर दोषी हैं। यदि गोली चलाने का आदेश किसी अन्य अधिकारी ने दिया, तो इसका मतलब है कि अमित शाह गृह मंत्री के रूप में अक्षम हैं।

ध्यान देने की बात है कि सरकार और भाजपा छात्रों पर गोली चलाए जाने से साफ इनकार कर रही हैं। सच्चाई सदन में चर्चा से सामने आ सकती है, लेकिन वह हो नहीं पा रही है।