'IIT प्रशासन पिछले 3 महीने से मेरे बेटे को कर रहा था प्रताड़ित', साहिल केस में मां ने लगाए गंभीर आरोप
आईआईटी मुंबई के छात्रावास में आत्महत्या करने वाले बीटेक के साहिल वाकोडे की मां सोनाली वाकोडे ने मंगलवार को मीडिया ...और पढ़ें

बीटेक छात्र साहिल की मां ने आइआइटी प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप (फोटो- सोशल मीडिया)
HighLights
बीटेक छात्र साहिल की मां ने आईआईटी प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
कहा, पिछले तीन माह से बेटे को किया जा रहा था प्रताड़ित
संविधान और क्राइम ब्रांच की जांच पर जताया पूरा भरोसा
राज्य ब्यूरो, मुंबई। आईआईटी मुंबई के छात्रावास में आत्महत्या करने वाले बीटेक के साहिल वाकोडे की मां सोनाली वाकोडे ने मंगलवार को मीडिया के समक्ष बेहद भावुक और गंभीर बयान जारी किया। उन्होंने अपने बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए संस्थान में जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए।
सोनाली वाकोडे ने दावा किया कि उनके बेटे साहिल ने उन्हें बताया था कि कालेज में उसके साथ जाति के आधार पर कथित तौर पर दुर्व्यवहार और उसका अपमान किया जा रहा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक प्रोफेसर उसे बार-बार निचली जाति का हवाला देकर प्रताड़ित कर रहे थे और यह स्थिति पिछले तीन महीनों से चल रही थी। सोनाली ने कहा कि उन्हें भारत के संविधान और क्राइम ब्रांच की जांच पर पूरा भरोसा है कि उनके बेटे को न्याय जरूर मिलेगा।
इसके साथ ही परिवार ने आईआईटी मुंबई के निदेशक और संबंधित प्रोफेसर की गिरफ्तारी की मांग की है। एक शिक्षिका और मां के तौर पर अपना दर्द व्यक्त करते हुए उन्होंने हाथ जोड़कर समाज से अपील की कि साहिल को अपना बच्चा समझकर उसे न्याय दिलाएं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आईआईटी मुंबई के इतिहास को देखा जाए कि आखिर वहां इतनी बड़ी संख्या में दलित छात्र आत्महत्या क्यों कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि साहिल को परेशान किए जाने की बात पता चलने पर भी उन्होंने उसे पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और ऐसी बातों को नजरअंदाज करने के लिए कहा था। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, "शायद वह हमारी गलती थी। अगर हम उस दिन उसे अपने साथ वापस ले आते, तो आज मेरा बच्चा जिंदा होता।"
साहिल ने नहीं की थी एससी-एसटी सेल में कोई शिकायत : फैकल्टी फोरम
आईआईटी मुंबई फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार पंत ने डीन सूर्यनारायण दुल्ला पर लगाए गए आरोपों पर संस्थान का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि साहिल ने पिछले तीन-चार महीनों के दौरान संस्थान के एससी-एसटी सेल में किसी तरह की शिकायत नहीं की थी।
उनके अनुसार, दुल्ला छात्रों के प्रति सहयोगी रवैये के लिए जाने जाते हैं और प्रशासनिक पद पर रहते हुए नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई करना उनकी जिम्मेदारी थी।
डॉ. पंत ने यह भी कहा कि यदि किसी छात्र द्वारा परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया जाता है तो संस्थान के लिए उस पर कार्रवाई करना जरूरी है।
नकल या परीक्षा नियमों के उल्लंघन को नजरअंदाज करना उन छात्रों के साथ अन्याय होगा, जो नियमों का पालन करते हुए परीक्षा देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और अब कानून अपना काम करेगा।
आईआईटी में आत्महत्याओं के आंकड़े छिपा रही सरकार : कांग्रेस
कांग्रेस ने मंगलवार को सरकार पर आईआईटी में आत्महत्याओं के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया और पूछा कि वह इन प्रतिष्ठित संस्थानों में वंचित समाज के छात्रों के समक्ष मौजूद मुश्किलों से निपटने के लिए क्या योजना बना रही है।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की, जिसमें दावा किया गया था कि 2020-21 और 2024-25 के बीच विभिन्न आईआईटी में कम से कम 53 छात्रों की मौत हुई और इनमें से आधे से अधिक मौतें एससी, एसटी व ओबीसी छात्रों की थीं।
उन्होंने कहा कि यह इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि कैसे यह सरकार न केवल सामाजिक अन्याय को बढ़ावा देती है, बल्कि अपने ही लोगों से सच्चाई भी छिपाती है।
वेणुगोपाल ने कहा, जब मैंने संसद में आठ दिसंबर, 2025 को एक सवाल के जरिये यह मुद्दा उठाया, तो मंत्रालय ने अस्पष्ट जवाब दिया और सटीक आंकड़े बताने से बचता रहा। जब साहिल वाकोडे की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है, तो ऐसे आंकड़ों को छिपाना सरकार को उस माहौल को बनाने में भागीदार बनाता है जिसके कारण साहिल की मौत हुई।
