यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Assam Madrasa: असम में निजी मदरसों में सुधार के लिए राज्य सरकार और पुलिस को समर्थन दे रहे मुस्लिम नेता: डीजीपी
असम पुलिस महानिदेशक (DGP) भास्कर ज्योति महंत ने कहा कि हम राज्य के निजी मदरसों में सुधार ला रहे हैं। इन मदरसों को नियमों के तहत चलाया जाएगा। इसके लिए ...और पढ़ें

बोंगाईगांव, एएनआई। असम में मदरसों के सुधार के लिए राज्य सरकार और पुलिस मिलकर काम कर रही है। पुलिस महानिदेशक (DGP) भास्कर ज्योति महंत ने शनिवार को यह जानकारी दी। इससे पहले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मदरसों की संख्या को कम करने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि हम मदरसों में सामान्य शिक्षा देना चाहते हैं और मदरसों में पंजीकरण की व्यवस्था शुरू करना चाहते हैं।
नियमों के तहत चलेंगे मदरसे
डीजीपी ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में बताया कि हम राज्य के निजी मदरसों में सुधार ला रहे हैं। इन मदरसों को नियमों के तहत चलाया जाएगा। इसके लिए मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने भी सरकार और पुलिस को अपना समर्थन दिया है।
बता दें कि कुछ निजी मदरसों में जिहादी गतिविधियों पर नकेल कसने और कई अल-कायदा और अंसारुल्ला बांग्ला टीम (ABT) मॉडल का भंडाफोड़ किया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने निजी मदरसों में शैक्षिक सुधार की पहल की। ऐसे में कई मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों और डीजीपी के बीच कई दौर की बैठकें हुईं और निजी मदरसों में सुधार के कई फैसले लिए गए।
सरकार मदरसों में देना चाहती है सामान्य शिक्षा
इससे पहले डीजीपी ने कहा था कि राज्य के सभी छोटे मदरसों को बड़े मदरसों में मिला दिया जाएगा। जबकि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि सरकार राज्य में मदरसों की संख्या कम करना चाहती है।
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उन्होंने कहा था कि हम पहले चरण में मदरसों की संख्या कम करना चाहते हैं। हम मदरसों में सामान्य शिक्षा देना चाहते हैं और मदरसों में पंजीकरण की व्यवस्था शुरू करना चाहते हैं। हम इस पर समुदाय के साथ काम कर रहे हैं और वे असम सरकार की भी मदद कर रहे हैं।