'शर्तें मत थोपो, बहाने मत बनाओ'; संसद में किरेन रिजिजू और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच तीखी बहस
संसद के मानसून सत्र में नीट पेपर लीक पर हंगामा जारी है, जहां संसद में किरेन रिजिजू और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच तीखी बहस हुई। ...और पढ़ें

रिजिजू और खरगे के बीच तीखी नोकझोंक

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मानसून सत्र के बीच संसद भवन परिसर में नीट पेपर लीक के मुद्दे पर जमकर हंगामा देखने को मिल रहा है। इस बीच संसद में किरेन रिजिजू और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच तीखी बहस देखने को मिली है। हंगामे के बीच लोकसभा दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दरअसल, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणियों को भड़काऊ बताया और सरकार पर पेपर लीक मामले में जवाबदेही से बचने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बात की।
इसके बाद लोकसभा में केंद्रीय मंत्री किरने रिजिजू ने कहा, "हमने कल अपील की थी। मैं आज आपके माध्यम से सदन से फिर से अपील करना चाहता हूं। हमने कांग्रेस पार्टी के नेताओं और अन्य विपक्षी सदस्यों से व्यक्तिगत स्तर पर भी बात की है। हमने उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिलने और अपने सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया है।"
विपक्ष की इच्छानुसार चर्चा करने के लिए तैयार
किरने रिजिजू ने आगे कहा, "हमने लोकसभा अध्यक्ष से भी चर्चा की है कि सरकार इस सदन और राज्यसभा में NEET पेपर लीक पर विपक्ष की इच्छानुसार, किसी भी तारीख को और जितने समय तक चाहे, चर्चा करने के लिए तैयार है। हमने यह आश्वासन दिया है... हम विपक्ष से हाथ जोड़कर निवेदन करते हैं कि कृपया चर्चा शुरू करने का समय तय करें।
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हम तैयार हैं, लेकिन आपकी शर्तें हैं। बहाने न बनाएं, क्योंकि यदि आप शर्तें लगाते हैं, यदि आप बहाने बनाते हैं, तो हर कोई समझ जाता है कि आप चर्चा से बचना चाहते हैं। आज NDA के सभी सदस्यों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि NEET पेपर लीक पर तुरंत और पूरे देश में चर्चा की जाए। किसी भी परीक्षा के लिए, उन सभी राज्यों पर चर्चा करना बिल्कुल आवश्यक है जहां पेपर लीक हुए हैं। आइए इसे राजनीतिक रंग न दें।"
बहस करने आइए- नितिन नवीन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा अन्य विपक्षी दलों को नीट परीक्षा सहित छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर संसदीय बहस में भाग लेने की चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विपक्ष चर्चा के लिए सहमत होता है तो उसका दोहरापन उजागर हो जाएगा।
उन्होंने आगे कहा, “हम खुली चुनौती देते हैं आइए, हम संसद में NEET समेत हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। राहुल गांधी की राजनीतिक छवि एक भगोड़े की रही है। भाजपा सांसद और NDA सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने और हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
लेकिन मुझे पता है कि राहुल गांधी और उनका गुट कभी भी चर्चा के लिए आगे नहीं आएगा, क्योंकि उनका 50-60 वर्षों का लंबा इतिहास है, जिसमें उन्होंने युवाओं को धोखा दिया है, उकसाया है और गुमराह किया है। आज भाजपा और एनडीए सरकार ने युवाओं के भविष्य को एक सकारात्मक दिशा दी है।"
विपक्ष का विरोध प्रदर्शन
गौरतलब है कि ने मानसून सत्र के दौरान संसद परिसर के मकर द्वार पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा पेपर लीक को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की अपनी मांग को दोहराया।