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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Newsclick को फंडिंग, भारत विरोधी अभियान चलाने पर ED का नोटिस; आखिर कौन है नेविल रॉय सिंघम

    By Mahen KhannaEdited By: Mahen Khanna
    Updated: Thu, 16 Nov 2023 10:31 AM (IST)

    Newsclick China Funding संसद में भाजपा ने कांग्रेस पर देशविरोधी अभियान चलाने का आरोप लगाया था और कहा था कि देश का नाम खराब करने के लिए न्यूजक्लिक को च ...और पढ़ें

    Newsclick China Funding: सिंघम पर चीनी प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप क्यों।
    Newsclick China Funding: सिंघम पर चीनी प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप क्यों।

    HighLights

    1. चीनी प्रोपेगंडा फैलाने में नेविल रॉय सिंघम को ईडी का नोटिस।
    2. संसद में गूंजा था न्यूजक्लिक को चीनी फंडिंग का मामला।

    नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Newsclick China Funding न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक को चीनी फंडिंग देने के मामले में फंसे अमेरिकी व्यवसायी नेविल रॉय सिंघम की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। मामले में पूछताछ के लिए अब नेविल को ईडी ने समन भेज दिया है।

    भाजपा ने कुछ समय पहले आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने चीन का साथ देने का काम किया। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस न्यूज पोर्टल में चीन का पैसा लगा है। 

    इस बीच चीनी फंडिंग और प्रोपेगंडा फैलाने में नेविल रॉय सिंघम का भी नाम खूब चर्चा में रहा। आखिर ये सिंघम कौन हैं और इसका चीनी फंडिंग से क्या कनेक्शन है, आइए जानते हैं...

    नेविल सिंघम कौन है?

    नेविल रॉय सिंघम (Who is Neville Roy Singham) एक अमेरिकी व्यवसायी और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह थॉटवर्क्स के संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष हैं, जो एक IT कंपनी है। ये कंपनी कस्टम सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेयर टूल और परामर्श सेवाएं प्रदान करती है। सिंघम पर विभिन्न समूहों को वित्त पोषित करने का आरोप है, जो चीन के विचारों को बढ़ावा देते हैं, उइगर नरसंहार को झूठ बताते हैं।

    अमेरिका में जन्मे है सिंघम

    सिंघम का जन्म वर्ष 1954 में अमेरिका में हुआ था। उसने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र की पढ़ाई की और फिर 1993 में थॉटवर्क्स कंपनी की स्थापना से पहले कई वर्षों तक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। थॉटवर्क्स कुछ ही सालों में दुनिया की बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार हो चुकी है। 

    चीन को फंडिंग करने का आरोप

    सिंघम के चीन को फंडिंग करने की बात इसलिए कही जा रही है, क्योंकि वो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का मुखर समर्थक रहा है और उसने चीनी राज्य मीडिया के प्रचार वाले समूहों को लाखों डॉलर का दान दिया है।  

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    न्यूजक्लिक को दिए 38 करोड़ 

    न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सिंघम के नेटवर्क ने दिल्ली स्थित समाचार वेबसाइट न्यूजक्लिक को वित्तपोषित किया है। रिपोर्ट में कहा गया कि न्यूजक्लिक को 38 करोड़ रुपये की फंडिंग की गई। दावा किया गया है कि सिंघम चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए काम करते हैं।

    हालांकि, सिंघम ने अपने काम का बचाव करते हुए कहा है कि वह केवल चीन और पश्चिम के बीच शांति और समझ को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं।

    न्यूजक्लिक पर ईडी की जांच में सामने आई थी ये बात

    भाजपा सांसद ने कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में ईडी द्वारा न्यूजक्लिक पर रेड में चीनी फंडिंग की बात सामने आई थी और उस दौरान कांग्रेस ने कंपनी का समर्थन किया था।