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अब 70 मीटर होगी फोर और सिक्स लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर की चौड़ाई, NHAI ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

Published: Mon, 21 Sep 2026 11:13 PM (IST)Updated: Tue, 22 Sep 2026 04:04 AM (IST)

एनएचएआई ने हाई-स्पीड राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए नए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें लेन कॉन्फ़िगरेशन और चौड़ाई को यातायात आकलन के आधार पर मानकीकृत किया जाएगा।

एनएचएआई ने जारी किए हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए नए मानक (यह तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।)

एनएचएआई ने जारी किए हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए नए मानक (यह तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।)

HighLights

  1. हाई-स्पीड हाईवे लेन कॉन्फ़िगरेशन यातायात आकलन पर आधारित होगा।

  2. नए दिशानिर्देश सड़क सुरक्षा और परिचालन दक्षता बढ़ाएंगे।

  3. अनधिकृत प्रवेश रोकने को एक मीटर ऊंची बाउंड्री वाल बनेगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे के निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर आलोचना झेल रहे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सोमवार को कहा कि भविष्य में हाई स्पीड वाले नेशनल हाईवे की लेन कांफिग्रेशन को विस्तृत ट्रैफिक आकलन के आधार पर मानकीकृत (स्टैंडर्डाइज) किया जाएगा ताकि निर्बाध आवागमन को सुगम बनाया जा सके।

इस संबंध में, प्राधिकरण ने हाई स्पीड वाले नेशनल हाईवे कारिडोर के डिजाइन और विकास के लिए नए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

फोर लेन वाले हाईवे और फोर लेन स्ट्रक्चर के साथ 15,000 वाहनों तक के ट्रैफिक प्रवाह वाले कारिडोर की चौड़ाई 60 मीटर होगी। इसी प्रकार, फोरलेन वाले हाईवे और सिक्स लेन स्ट्रक्चर के साथ 15,000 से 25,000 वाहनों के ट्रैफिक प्रवाह वाले कारिडोर की चौड़ाई 70 मीटर होगी।

इसके अलावा सिक्स लेन वाले हाईवे और सिक्स लेन स्ट्रक्चर के साथ 25,000 से 40,000 वाहनों के बीच ट्रैफिक प्रवाह वाले कारिडोर की चौड़ाई 70 मीटर होगी।

इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य हाई स्पीड वाले नेशनल हाईवे कारिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के मानकों में एकरूपता लाना, तकनीकी मानकों में अधिक स्थिरता लाना, सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में परिचालन दक्षता में सुधार करना है। ये दिशा-निर्देश आगामी सभी फोर लेन और सिक्स लेन वाले ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड हाई स्पीड वाले नेशनल हाईवे पर लागू होंगे।

एनएचएआइ ने कहा कि ये दिशा-निर्देश भारत सरकार की दीर्घकालिक रोडमैप रणनीति के अनुरूप हैं, जिसमें विकसित भारत 2047 के तहत 50,000 किमी के एक्सेस-कंट्रोल्ड हाई स्पीड वाले कारिडोर के विकास की परिकल्पना की गई है, जिससे कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा और लाजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।

वर्तमान में एक्सप्रेस-वे के अलावा हाई स्पीड वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे की योजना और डिजाइन के लिए कोई अलग मानक नहीं हैं। ऐसे कारिडोर के लिए डीपीआर की तैयारी में अपनाए गए मानकों में भिन्नताएं पाई जाती है। नए दिशा-निर्देश से इन मानकों में एकरूपता आएगी। 

अनधिकृत प्रवेश और पशु रोकने को दोनों तरफ एक मीटर ऊंची बाउंड्री वाल बनेगी

नएचएआइ ने हाई स्पीड वाले कारिडोर पर अनधिकृत प्रवेश और आवारा पशुओं को रोकने के लिए कारिडोर के बाहरी किनारों के साथ एक मीटर ऊंची बाउंड्री वाल के निर्माण का भी प्रविधान किया गया है।

एनएचएआइ ने कहा कि एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे , स्टेट हाईवे और महत्वपूर्ण आर्टेरियल सड़कों के साथ क्रासिंग पर रैंप के साथ इंटरचेंज प्रदान किए जाएंगे। साथ ही भारी ट्रैफिक वाले स्थलों जैसे कि बंदरगाह, हवाई अड्डे, मल्टी-मोडल लाजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी), औद्योगिक क्षेत्र और प्रमुख पर्यटन स्थलों से कनेक्टिविटी प्रदान करने वाली सड़कों पर भी। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ )