अब एक झटके में पकड़ा जाएगा डीपफेक वीडियो, भारत में बनने जा रहे ऐसे कमाल के टूल; दुनिया रह जाएगी हैरान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुंबई में फिनटेक फेस्ट को संबोधित करते हुए साइबर सुरक्षा पर चिंता जताई और कहा कि उन्होंने स्वयं के कई डीपफेक वीडियो दे ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मंगलवार को मुंबई में आयोजित फिनटेक फेस्ट के संबोधन में साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उन्होंने खुद के कई डीपफेक वीडियो देखा है। डीपफेक वीडियो व ऑडियो वैश्विक स्तर पर आर्थिक सेंधमारी से लेकर किसी की छवि को बदनाम करने का टूल बनता जा रहा है।
डीपफेक का निर्माण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से होता है। इस पर नियंत्रण के लिए इंडियाएआई ने पांच ऐसे प्रोजेक्ट्स को विकसित करने की मंजूरी दी है जो डीपफेक वीडियो, ऑडियो को तुरंत पहचानने का काम करेंगे। ताकि देश में सुरक्षित और भरोसेमंद एआई टूल विकसित हो सके।
डीपफेक को पहचानने में होगा सक्षम
भारत अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपना एआई मॉडल विकसित कर रहा है। डीपफेक की पहचान के लिए प्रोजेक्ट विकास का काम आईआईटी जोधपुर, आईआईटी मंडी, आईआईटी खड़गपुर जैसी पांच संस्थाओं को दिया गया है। इनके नाम साक्ष्य व एआई विश्लेषक होंगे जो रियल टाइम पर डीपफेक को पहचनाने में सक्षम होगा।
सरकार का मानना है कि इन सिस्टम की मदद से भारत में ऐसे एआई माडल को विकसित करने में मदद मिलेगी जो सुरक्षित होने के साथ समावेशी होगा और राष्ट्र निर्माण में एआई इको-सिस्टम को विकसित करने में मदद करेगा। इंडियाएआई इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय के अधीन काम करने वाला स्वतंत्र डिविजन है जो भारत में एआई मिशन का संचालन कर रहा है।