यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Arunachal Bridge Issue: 'No bridge...No vote', अरुणाचल के तीन 'कटे हुए' गांवों के लोगों ने दी सरकार को धमकी
Arunachal Bridge Issueजो तीन गांव शामिल है उनमें से हैं- राइम मोको पिडी राइम और टोडी राइम - की आबादी लगभग 400 है और उनमें से लगभग 300 मतदाता हैं। 2011 ...और पढ़ें

ईटानगर, एजेंसी। अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले के तीन गांवों के लोगों ने धमकी दी है कि अगर सरकार नदी पर स्थायी पुल बनाने में विफल रहती है, तो अगले साल होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे। गांववालों की 2014 से यह प्रमुख मांग है।
जो तीन गांव शामिल है उनमें से हैं- राइम मोको, पिडी राइम और टोडी राइम - की आबादी लगभग 400 है और उनमें से लगभग 300 मतदाता हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्य की जनसंख्या केवल 13.84 लाख है।
अरुणाचल प्रदेश के स्थानीय लोगों ने एक अस्थायी पुल बनाया हुआ है जिसमें एक तरफ लकड़ी की रेलिंग के साथ यह 20 मीटर लंबा है। यह लकड़ी का पूल रोजाना के लिए तो ठीक है लेकिन यह मानसून के दौरान उपयोगी नहीं है क्योंकि यह पिसम नदी की सहायक नदी हिजम के जल स्तर से नीचे चला जाता है।
बारिश के समय माता-पिता बच्चों को नहीं भेजते हैं स्कूल
राइम मोको गांव में रहने वाले पोकपे राइम ने कहा, “जब नदी उफान पर होती है, तो माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं। उन्हें डर है कि बच्चे लॉग ब्रिज से फिसल सकते हैं।"
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उचित पुल के अभाव में, चाहे मानसून हो या न हो, किसी मरीज को अस्पताल ले जाना बेहद मुश्किल होता है।पोकपे ने कहा, "हमें मरीजों को अपनी पीठ पर लादकर नदी पर बने लॉग ब्रिज को पार करके निक्टे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या आलो जनरल अस्पताल ले जाना पड़ता है।"
स्थानीय लोगों ने लिया पुल बनाने के लिए सरकार से किया आग्रह
गांवों के लोगों का मानना है कि सड़क संपर्क का मुद्दा क्षेत्र को आर्थिक और सामाजिक रूप से भी प्रभावित कर रहा है। रीम मोको, पिडी रीम और टोडे रीम गांवों के निवासियों ने हाल ही में इस मुद्दे पर आपस में चर्चा की और राज्य सरकार से पिडी रीम से हिजुम तक एक बारहमासी सड़क और नदी पर एक स्थायी पुल बनाने का आग्रह करने का संकल्प लिया।