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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूक्रेन के आसमान से नहीं गुजरेंगीं भारतीय फ्लाइट

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Updated: Sat, 19 Jul 2014 07:18 AM (IST)

भारतीय विमानन कंपनियां एयर इंडिया और जेट एयरवेज यूक्रेन की वायुसीमा का इस्तेमाल नहीं करेंगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बृहस्पतिवार को मले ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। भारतीय विमानन कंपनियां एयर इंडिया और जेट एयरवेज यूक्रेन की वायुसीमा का इस्तेमाल नहीं करेंगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बृहस्पतिवार को मलेशियाई विमान हादसे के तत्काल बाद इस बाबत निर्देश जारी किए थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान में कोई भारतीय यात्री नहीं था।

नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा, सरकार ने सभी एयरलाइंस को यूक्रेन के ऊपर से उड़ान नहीं भरने के लिए कहा है। भारतीय एयरलाइंस में सिर्फ एयर इंडिया और जेट एयरवेज ही यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए उड़ान संचालित करती हैं। डीजीसीए ने बृहस्पतिवार को ही इन दोनों महाद्वीपों से आने और जाने वाली फ्लाइट के लिए यूक्रेन की वायुसीमा का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश जारी कर दिया था।

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा, हम तीन महीने पहले यूक्रेन में युद्ध सरीखे हालात बनने के बाद से ही उस मार्ग से उड़ान संचालित नहीं कर रहे। आगे भी डीजीसीए के निर्देश का पालन होगा। जेट एयरवेज ने भी कहा है कि वह यूक्रेन में अस्थिरता के तुरंत बाद से ही उस रास्ते से उड़ान संचालित नहीं कर रही और भविष्य में भी इस बात को सुनिश्चित किया जाएगा।

अमेरिका और यूरोप की उड़ान के लिए यूक्रेन के रास्ते को सबसे छोटा माना जाता है। डीजीसीए के निर्देशों के बाद अब यूरोप और उत्तरी अमेरिका की फ्लाइट की लागत में इजाफा होगा।