'एजेंट ने दिया था 1.2 लाख सैलरी का झांसा', ओमान में फंसे तेलंगाना के मजदूर ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
तेलंगाना के एक प्रवासी मजदूर को ओमान में अच्छी नौकरी और भारी वेतन का झांसा देकर ठगा गया, जहां उसे खराब परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है।

ओमान में फंसे तेलंगाना के मजदूर ने सरकार से लगाई मदद की गुहार(फोटो: सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना के निर्मल जिले के एक प्रवासी मजदूर ने ओमान में अच्छी नौकरी और भारी वेतन का झांसा देकर ठगे जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी आपबीती साझा की है और केंद्र और राज्य सरकार से सुरक्षित भारत वापसी की गुहार लगाई है।
निर्मल जिले के कोठा तरलापाडु गांव के रहने वाले किसान बोरुबोंथला नागेश ने बताया कि जगतियाल जिले के एक एजेंट ने उन्हें ओमान में अच्छी कंपनी में काम दिलाने का भरोसा दिया था। एजेंट ने उनसे 80000 रुपये वसूले और वादा किया कि उन्हें हर महीने 120000 रुपये वेतन मिलेगा तथा रहने का किराया भी नहीं देना होगा।
नागेश ने अपने एसओएस वीडियो में रोते हुए कहा कि यहां पहुंचने के बाद पता चला कि कोई ढंग का काम नहीं है और कंपनी भी ठीक नहीं है। मुझसे घरेलू काम कराया जा रहा है। मुझे रोजाना सिर्फ 75 रुपये दिए जा रहे हैं, न भरपेट खाना मिल रहा है और न ही कोई सहारा है। एजेंट ने मेरे साथ धोखा किया है।
तेलंगाना में फर्जी एजेंटों के जाल में फंस रहे लोग
नागेश का मामला अकेला नहीं है। संसद में विदेश मंत्रालय द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में तेलंगाना में विदेश में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की 339 शिकायतें दर्ज की गईं। अवैध और गैर-पंजीकृत एजेंटों की ठगी के मामलों में तेलंगाना देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है।
खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय मजदूरों के शोषण के मामलों में ओमान एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच खाड़ी देशों से शोषण, दुर्व्यवहार और कार्यस्थल की समस्याओं से जुड़ी 80,000 से अधिक शिकायतें सामने आईं, जिनमें से करीब 13,000 मामले अकेले ओमान से जुड़े थे।
महिलाओं के साथ भी हुई बर्बरता
हाल के महीनों में तेलंगाना की कई महिलाएं भी इसी तरह के जाल में फंस चुकी हैं। वारंगल की 45 वर्षीय महिला मोहम्मद महमूदा को घरेलू काम का झांसा देकर टूरिस्ट वीजा पर मस्कट भेजा गया था।
वहां पहुंचते ही सब-एजेंट ने उनका पासपोर्ट और मोबाइल छीन लिया, एक कमरे में बंधक बनाकर रखा और मारपीट की। 25 दिनों की प्रताड़ना झेलने के बाद वह किसी तरह अगस्त में भारत लौट सकीं।
हैदराबाद की 26 वर्षीय युवती शबनम बेगम को घरेलू सहायिका की नौकरी का झांसा देकर ओमान भेजा गया। उन्होंने एक वीडियो जारी कर बताया था कि उनसे दिन-रात काम कराया गया, तीन महीने तक कोई वेतन नहीं दिया गया और डेढ़ महीने तक फोन भी छीन लिया गया। उन्होंने खाना न देने और शारीरिक यातनाएं देने का आरोप भी लगाया था।
