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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'इससे मन को बहुत संतुष्टि मिलती है...' इंडिया बनाम भारत विवाद पर जयशंकर ने दी विपक्ष को संविधान पढ़ने की सलाह

    By AgencyEdited By: Piyush Kumar
    Updated: Wed, 06 Sep 2023 10:37 AM (IST)

    इंंडिया की जगह भारत नाम का इस्तेमाल किए जाने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत शब्द का अर्थ संविधान में भी परिलक्षित होता है। एस जयशंकर ने आग ...और पढ़ें

    इंंडिया की जगह भारत नाम का इस्तेमाल किए जाने पर विदेश मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।(फोटो सोर्स: जागरण)
    इंंडिया की जगह भारत नाम का इस्तेमाल किए जाने पर विदेश मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।(फोटो सोर्स: जागरण)

    HighLights

    1. 'भारत' शब्द का अर्थ संविधान में भी परिलक्षित होता है: एस जयशंकर
    2. विदेश मंत्री बोले- राष्ट्रपति ने 'भारत' को प्राथमिकता दी है
    3. भारत के नाम पर भाजपा नेताओं ने दी प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली, एएनआई। जी-20 शिखर सम्मेलन के निमंत्रण पत्र पर 'प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' के स्थान पर 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' लिखे जाने पर सबसे पहले कांग्रेस ने आपत्ति दर्ज कराई तो अन्य विपक्षी दल भी यह कहते हुए हमलावर हो गए कि भाजपा विपक्षी गठबंधन के नाम आइएनडीआइए (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) से डर गई है। बल्कि यह भी कहा कि सरकार देश का नाम बदलने जा रही है।

    मंगलवार सुबह कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने उस कार्ड की प्रति सार्वजनिक करते हुए सबसे पहली आपत्ति जताई। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, 'ये खबर वाकई सच है। राष्ट्रपति भवन ने नौ सितंबर को जी-20 रात्रिभोज के लिए जो निमंत्रण पत्र भेजा है, उसमें प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया की जगह प्रेसिडेंट ऑफ भारत लिखा है।

    संविधान के अनुच्छेद-एक के मुताबिक, भारत जिसे इंडिया कहते हैं, वह राज्यों का एक संघ होगा, लेकिन अब इस राज्यों के संघ पर भी हमला हो रहा है।' इसके बाद इस विषय को लेकर बहस छिड़ गई।

    एस जयशंकर ने विपक्ष पर साधा निशाना

    इस मुद्दे पर अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।  उन्होंने संविधान में इंडिया दैट इज भारत का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि 'भारत' शब्द का अर्थ संविधान में भी परिलक्षित होता है। एस जयशंकर ने आगे कहा," “इंडिया दैट इज भारत, यह संविधान में है।” कृपया, मैं सभी को इसे पढ़ने के लिए आग्रह करता हूं।"  

    जयशंकर ने आगे कहा,"यह पहले ही हो जाना चाहिए था। इससे मन को बहुत संतुष्टि मिलती है। 'भारत' हमारा परिचय है। हमें इस पर गर्व है। राष्ट्रपति ने 'भारत' को प्राथमिकता दी है। यह औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर आने वाला सबसे बड़ा बयान है।

    खबरें और भी

    भारत के नाम पर भाजपा नेताओं ने दी प्रतिक्रिया  

    बता दें कि इंडिया का नाम बदल कर भारत किए जाने वाले मुद्दे पर भाजपा के कई नेताओं ने मंगलवार को अपनी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 'एक्स' पर राष्ट्रपति की ओर से रात्रिभोज के निमंत्रण की एक तस्वीर पोस्ट की और राष्ट्रगान की कुछ पंक्तियां लिखीं।

    चांद और सूरज की तरह पुराना है भारत: हिमंत बिस्वा सरमा

    वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ये भी दावा किया कि हर राज्य के लोग चाहते हैं कि देश को भारत के नाम से जाना जाए जब तक सूर्य और चंद्रमा रहेंगे, हमारा देश भारत के नाम से जाना जाएगा।

    सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल हिंदू धर्म और भारत नाम को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं।

    उन्होंने दावा किया, "भारत उतना ही पुराना है जितना सूर्य और चंद्रमा। जब तक सूर्य और चंद्रमा अस्तित्व में हैं, तब तक भारत अस्तित्व में रहेगा। हर राज्य और वहां के लोग चाहते हैं कि देश को भारत के नाम से जाना जाए।