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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ITC को लाख रुपये का पड़ा एक बिस्किट, पैकेट में कम निकला तो कोर्ट पहुंचा कस्टमर; कंपनी भरेगी जुर्माना

By AgencyEdited By: Piyush Kumar
Published: Wed, 06 Sep 2023 04:00 PM (IST)

चेन्नई के एमएमडीए माथुर के रहने वाले पी दिलीबाबू ने जानवरों को खिलाने के लिएसनफीस्ट मैरी लाइट बिस्किट का एक ...और पढ़ें

पैकेट में एक बिस्किट कम मिलने पर ग्राहक ने कंपनी पर मुकदमा ठोका।(फोटो सोर्स: जागरण)
पैकेट में एक बिस्किट कम मिलने पर ग्राहक ने कंपनी पर मुकदमा ठोका।(फोटो सोर्स: जागरण)

HighLights

  1. पैकेट में से एक बिस्किट गायब होने पर ग्राहक ने कंपनी पर ठोका मुकदमा।
  2. कंपनी से ग्राहक ने की 100 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग।
  3. जिला उपभोक्ता मंच ने कंपने से ग्राहक को एक लाख देने का दिया आदेश।

 नई दिल्ली, पीटीआई। एक बिस्किट के पैकेट की कीमत आमतौर पर 50 से 100 रुपये के बीच होती है। आमतौर पर ज्यादातर ग्राहक बिस्किट खाने से पहले ये चेक नहीं करते की पैकेट में बिस्किट की संख्या कितनी है। हालांकि, ज्यादातर पैकेट पर ये साफतौर पर लिखा रहता है कि एक पैकेट में बिस्किट की संख्या कितनी है।

पैकेट में से एक बिस्किट था गायब

साल 2021 में चेन्नई के एमएमडीए, माथुर के रहने वाले पी दिलीबाबू ने जानवरों को खिलाने के लिए'सनफीस्ट मैरी लाइट' बिस्किट का एक पैकेट खरीदा। पी दिलीबाबू ने जब पैकेट में बिस्किट की संख्या की गिनती की तो उसने देखा कि पैकेट में से एक बिस्किट गायब था यानी 16 की जगह पैकेट में 15 बिस्किट थे।

एक बिस्किट के गायब होने पर पी दिलीबाबू ने लोकल स्टोर से संपर्क किया तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने इस घटना के लिए आईटीसी से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिले।

कंपनी से ग्राहक ने की 100 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग

इसके बाद दिलीबाबू ने कंपनी और इसे बेचने वाले स्टोर के खिलाफ कंज्यूमर फॉरम में 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने और अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी के कथित कृत्य के लिए मुआवजे के रूप में 10 करोड़ रुपये देने की मांग कर डाली।

कंपनी ने क्या दिया तर्क?

"प्रथम विपक्षी पार्टी (कंपनी) के वकील ने तर्क दिया कि उत्पाद केवल वजन के आधार पर बेचा गया था, न कि बिस्किट के संख्या के आधार पर। हालांकि, कंपनी के इस तरह के तर्कों को स्वीकार नहीं किया गया। आदेश में कंपनी को बताया गया कि खरीददार वजन करके नहीं बल्कि पैकेट को देखकर बिस्किट खरीदते हैं। आयोग ने जब बिस्कुट के पैकेट का विज्ञापित शुद्ध वजन 76 ग्राम था। हालांकि, जब आयोग ने इसकी जांच की तो उन्हें पता चला कि सभी (15 बिस्कुट वाले) पैकेट की कीमत केवल 74 ग्राम थे।

हालांकि, कंपनी के वकील ने तर्क दिया कि लीगल मेट्रोलॉजी रूल्स 2011 का हवाला देते हुए, इसने तर्क दिया कि यदि पहले से पैक की गई वस्तु की घोषित शुद्ध मात्रा 50 ग्राम से 100 ग्राम के बीच है, तो ऐसी वस्तुओं पर घोषित मात्रा से 4.5 ग्राम की अधिकता या कमी की अधिकतम स्वीकार्य त्रुटि की अनुमति है।

ग्राहक को मिला एक लाख रुपये का मुआवजा

लेकिन, 29 अगस्त को जिला उपभोक्ता मंच ने आईटीसी लिमिटेड खाद्य प्रभाग को यह आदेश दिया कि बिस्किट ब्रांड सनफीस्ट मैरी लाइट के पैकेट में दर्ज किए गए बिस्किट की संख्या में से एक बिस्किट कम पाया गया, इसलिए ग्राहक को एक लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।