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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    प्लंबर, सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी, 2 लाख रुपये वेतन; रूस की सेना में ऐसे फंसे भारतीय युवक

    Updated: Sun, 19 Jan 2025 10:51 PM (IST)

    रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में भारतीयों के इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। अच्छा खासा वेतन का लालच देकर युवकों को रूस भेजा गया। वहां पहुंचते ...और पढ़ें

    झांसा देकर भारतीय युवकों को रूसी सेना में भेजा गया। ( फोटो- रॉयटर्स )
    झांसा देकर भारतीय युवकों को रूसी सेना में भेजा गया। ( फोटो- रॉयटर्स )

    HighLights

    1. धोखा देकर रूसी सेना में भारतीयों को भेजा गया।
    2. मामले में दो रूसी समेत अब तक तीन गिरफ्तार।
    3. बिनिल बाबू की विधवा की शिकायत पर एक्शन।

    आईएएनएस, तिरुअनंतपुरम। भारतीयों को धोखा देकर रूसी सेना में भर्ती कराने के मामले में एक और आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को बताया कि आरोपित की पहचान त्रिचूर निवासी सिबी के रूप में हुई है। इससे पहले शनिवार को एर्नाकुलम से संदीप थामस और त्रिचूर से सुमेश एंटनी को गिरफ्तार किया गया था। इन तीन आरोपितों में से दो आरोपित रूस के नागरिक हैं।

    मानव तस्करी और धोखाधड़ी का आरोप

    पुलिस के अनुसार, तीनों ने रूस में अधिक वेतन वाली नौकरियों का झांसा देकर युवाओं को भर्ती किया, ताकि उन्हें रूसी सेना में भेजा जा सके। आरोपितों पर मानव तस्करी और धोखाधड़ी का भी आरोप है। केरल के त्रिचूर जिले के निवासी बिनिल बाबू की विधवा जोइसी जान की शिकायत पर मामले की जांच शुरू की गई।

    भारतीय पासपोर्ट किए जब्त

    बिनिल रूसी सेना की ओर से लड़ते हुए मारे गए थे। बिनिल और उनके रिश्तेदार जैन कुरियन इलेक्ट्रीशियन और प्लंबर के रूप में काम करने की उम्मीद में अप्रैल में रूस गए थे। रूस पहुंचने पर उनके भारतीय पासपोर्ट जब्त कर लिए गए और उन्हें रूसी सेना में युद्ध क्षेत्र में तैनात कर दिया गया।

    संदीप थामस मुख्य साजिशकर्ता

    पुलिस ने बताया कि बिनिल और जैन की तरह कई युवाओं को इलेक्ट्रीशियन, रसोइया, प्लंबर और ड्राइवर जैसी गैर-सैन्य नौकरियों का झांसा देकर रूस ले जाया गया। संदीप थामस को मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। उसने कथित तौर पर केरल के विभिन्न जिलों से युवाओं की भर्ती के लिए अपने नेटवर्क का इस्तेमाल किया। सुमेश ने मध्यस्थ के रूप में काम किया, जबकि सिबी ने नेटवर्क संचालन में सहायता की।

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    यूपी के आठ युवक 'लापता'

    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और मऊ जिलों के 13 युवा भी अच्छी जिंदगी की चाहत में रूस गए थे। उन्हें दो लाख रुपये महीने के वेतन का लालच दिया गया। कहा गया कि उन्हें सिक्योरिटी गार्ड और रसोइयों की नौकरी करनी होगी। मगर रूस पहुंचने ही उन्हें यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के मैदान में उतार दिया गया।

    एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध में आजमगढ़ के कन्हैया यादव और मऊ के रहने वाले श्यामसुंदर और सुनील यादव की जान चली गई। वहीं घायल होने के बाद दो युवक अपने घर लौट आए हैं। वहीं आठ अन्य लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।

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