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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    One Nation One Election: 'एक देश, एक चुनाव' का रास्ता साफ! मोदी कैबिनेट ने दी बिल को मंजूरी

    By Agency Edited By: Mahen Khanna
    Updated: Thu, 12 Dec 2024 04:26 PM (IST)

    One Nation One Election लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ करवाने का रास्ता अब साफ हो गया है। मोदी कैबिनेट ने एक देश एक चुनाव बिल को आज मंजूरी दे दी ...और पढ़ें

    One Nation One Election एक साथ चुनाव का रास्ता साफ हुआ।
    One Nation One Election एक साथ चुनाव का रास्ता साफ हुआ।

    HighLights

    1. बिल को अगले हफ्ते संसद में पेश कर सकती है सरकार।
    2. बिल पर आम सहमति बनाना चाहती है सरकार।

    एजेंसी, नई दिल्ली। One Nation One Election देश में लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत सभी चुनावों को एक साथ करवाने का रास्ता अब साफ हो गया है। मोदी कैबिनेट ने 'एक राष्ट्र एक चुनाव' बिल को आज मंजूरी दे दी है। सरकार इस बिल को अगले हफ्ते संसद में पेश कर सकती है। इससे पहले कैबिनेट ने राम नाथ कोविंद समिति द्वारा इस पर बनाई गई रिपोर्ट को मंजूरी दी थी। 

    अगले हफ्ते पेश हो सकता है बिल?

    मोदी सरकार अगले हफ्ते इस बिल को संसद में पेश कर सकती है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, मोदी कैबिनेट ने बिल को मंजूरी दे दी है और वो बिल पर आम सहमति बनाना चाहती है। बिल पर व्यापक चर्चा के लिए सरकार इसे संयुक्त संसदीय समिति या जेपीसी के पास भेज सकती है।

    बिल का उद्देश्य 100 दिनों के भीतर शहरी निकाय और पंचायत चुनावों के साथ-साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना है।

    क्या है एक राष्ट्र एक चुनाव के लाभ?

    • सरकार का कहना है कि एक साथ चुनाव कराने से धन और समय की बचत होगी। 
    • प्रशासनिक व्यवस्था ठीक रहने के साथ सुरक्षा बलों भी तनाव नहीं होगा। 
    • चुनाव प्रचार में ज्यादा समय मिलने के साथ विकास कार्यों भी ज्यादा हो सकेंगे।
    • वहीं, चुनावी ड्यूटी के चलते सरकारी कार्यों में भी दिक्कतें आती हैं। 

    कोविंद ने कहा- आम सहमति बननी चाहिए

    इससे पहले भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा था कि केंद्र सरकार को 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पहल पर आम सहमति बनानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मुद्दा राजनीतिक हितों से परे है और पूरे देश की सेवा करता है।

    पूर्व राष्ट्रपति बोले- इससे जीडीपी भी बढ़ेगी

    इस मुद्दे पर समिति की अध्यक्षता करने वाले कोविंद ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "केंद्र सरकार को आम सहमति बनानी होगी। यह मुद्दा किसी पार्टी के हित में नहीं बल्कि पूरे देश के हित में है। यह एक बड़ा बदलाव लाएगा, यह मेरी राय नहीं बल्कि अर्थशास्त्रियों की राय है, जो मानते हैं कि इसके लागू होने के बाद देश की जीडीपी में 1 से लेकर 1.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

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    बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट में इन सिफारिशों को रेखांकित किया गया था। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस निर्णय की प्रशंसा करते हुए इसे भारत के लोकतंत्र को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।